नई दिल्ली, एजेंसी । रूस में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सैन्य अभ्यास के तत्वावधान में गुरुवार को पाकिस्तान द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत को आमंत्रित नहीं किया गया। सैन्य सूत्रों ने यह जानकारी दी।

टीएसईएनटीआर-2019 के नाम से इस साल के सैन्य अभ्यास का आयोजन 9-23 सितंबर तक सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ऑफ रशिया कर रहा है। इसमें मेजबान रूस के अलावा चीन, भारत, कजाखिस्तान, किरगिस्तान, तजाकिस्तान, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान की सैन्य टुकडि़यां हिस्सा ले रही हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि रोज एक प्रतिभागी देश सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करता है।

गुरुवार को पाकिस्तान की बारी थी, लेकिन उसने भारत को कोई निमंत्रण नहीं भेजा। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि भारत ने 12 सितंबर को सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया था और उसने सभी प्रतिभागी देशों के लिए निमंत्रण पत्र छपवाए थे, लेकिन तब तक पाकिस्तानी दल रूस नहीं पहुंचा था।

बता दें कि पिछले हफ्ते भारत ने दो दिवसीय एससीओ कांफ्रेंस ऑन मिलिट्री मेडिसिन का आयोजन किया था, लेकिन पाकिस्तान ने उसमें हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, विदेश मंत्रालय का कहना था कि पाकिस्तान को कांफ्रेंस का आमंत्रण भेजा गया था।

सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेगा भारत

संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर 26 नवंबर को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत भी हिस्सा लेगा। अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन अगले हफ्ते अमेरिका में मौजूद रहेंगे और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे।

विदेश सचिव बोले- पाक को अपनी मूर्खतापूर्ण हरकत का अहसास होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को अपने वायुक्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति नहीं देने के पाकिस्तान के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने गुरुवार को कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हालात हैं जब एक देश दूसरे देश के राष्ट्र प्रमुख या सरकार के प्रमुख को अपने वायुक्षेत्र से उड़ान की अनुमति देने से इन्कार करता है। लेकिन यह तब सच होता है जब यह एक सामान्य देश हो।

उन्होंने कहा कि हमने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान को अपनी मूर्खतापूर्ण हरकत का अहसास होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत इस मसले को इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आइसीएओ) में लेकर जाएगा? इस पर गोखले ने कहा कि अगर उन्होंने आइसीएओ के नियमों का उल्लंघन किया है तो इस बात की संभावना है कि हम उस पर विचार कर सकते हैं।

 

Posted By: Ramesh Mishra

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