नई दिल्ली,आइएएनएस। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता के गठबंधन दलों की संसदीय बैठक के दौरान एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक ने सरकार की ओर से खैबर पख्तूनख्वा (केपी) को नजरअंदाज करने की शिकायत की। सूत्रों के अनुसार इस बात पर प्रधानमंत्री इमरान खान नाराज हो गए। प्रधानमंत्री ने ब्लैकमेलिंग करने के लिए रक्षा मंत्री को झिड़क दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री संसद भवन में आयोजित सत्ता के गठबंधन दलों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में विवादपूर्ण पूरक वित्त विधेयक-2022 को मंजूरी दी गई, जिसे आमतौर पर मिनी बजट कहा जाता है।

केपी में जल्द गैस कनेक्शन दे सरकार

बैठक में रक्षा मंत्री से इस तरकार के बाद प्रधान मंत्री लगभग पूरे दिन अपने कक्ष में बैठे रहे और अपनी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) पार्टी के कई विधायकों से मुलाकात की। इसके साथ ही इमरान खान ने सत्ता के गठबंधन में अन्य पार्टियों के सदस्यों से भी मुलाकात की। एक रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्री ने बैठक में भाग लेते हुए कहा कि अगर केपी के लोगों को जल्द से जल्द गैस कनेक्शन नहीं दिए गए तो वह प्रधानमंत्री के वोट नहीं देंगे।

पीटीआई को वोट नहीं देंगे केपी के लोग

हालांकि खट्टक ने बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधान मंत्री से कठोर बात नहीं की है और न ही पीएम खान को वोट न देने की कोई धमकी दी है। सूत्रों का कहना है कि खट्टक का भी विचार था कि सरकार बिजली और गैस के प्रावधान के मामले में केपी को नजरअंदाज कर रही है जबकि अन्य क्षेत्रों के लोग इन सुविधाओं का पूरी तरह से आनंद ले रहे हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि अगर केपी की ऐसी ही स्थिति बनी रही तो आने वाले चुनाव में केपी के लोग पीटीआई को वोट नहीं देंगे।

Edited By: Geetika Sharma