यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक में हिंदू लड़की का अपहरण कर कराए गए निकाह अदालत ने अमान्य किया, दोषियों पर कार्रवाई के आदेश
पाकिस्तान की एक अदालत ने सिंध प्रांत में नाबालिग हिंदू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर कराए गए निकाह को ...और पढ़ें

कराची, पीटीआइ। पाकिस्तान की एक अदालत ने सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम लड़के से कराए गए निकाह को अमान्य घोषित कर दिया है। माना जा रहा है कि हिंदू लड़कियों से जबरन निकाह के मामलों में किसी पाकिस्तानी अदालत का यह अपनी तरह का पहला फैसला है। रिपोर्ट के मुताबिक, नौवीं की छात्रा का 15 जनवरी को अली राजा सोलांगी नाम के शख्स ने जैकबाबाद जिले (Jacobabad district) से अपहरण कर लिया था। बाद में जबरन शादी कर ली थी।
पीड़िता के पिता की ओर से घटना की एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित परिजनों ने अपनी शिकायत में कहा था कि सोलांगी ने उनकी बेटी का अपहरण कर जबरन उससे निकाह किया। एफआईआर में यह भी कहा गया था कि पीड़िता की उम्र उस वक्त 15 साल थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलाम अली (Ghulam Ali Kanasro) ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता घटना के वक्त नाबालिग थी। दूसरी ओर आरोपी सोलांगी ने दावा किया था कि पीड़िता ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूलकरके उससे निकाह किया था। हालांकि, आरोपी की यह दलील उसके बचाव में कोई काम नहीं आई।
न्यायाधीश गुलाम अली (Ghulam Ali Kanasro) ने पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि करने वाले दस्तावेजों का हवाला देते हुए फैसला दिया। जज अली ने अपने फैसले में कहा कि सिंध चाइल्ड मैरिज रिस्ट्रेंट ऐक्ट (Sindh Child Marriage Restraint Act) की धारा-3 और चार के तहत पीड़िता घटना के वक्त शादी के योग्य नहीं थी। इसके साथ ही अदालत लरकाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने यह शादी कराई। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ आए दिन ज्यादतियों की घटनाएं सामने आती हैं।
