इस्लामाबाद, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव का विरोध नहीं, जैश-ए- मुहम्‍मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के मारे जाने की बात में दम तब और लगने लगा, जब इस्लामाबाद से खबर आई कि पाकिस्तान जैश-ए-मुहम्मद समेत सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

रविवार को पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने दावा किया इमरान खान की सरकार ने जैश समेत सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की नीति अपना ली है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या कार्रवाई की जाएगी। लेकिन एक अफसर के हवाले से कहा कि पाकिस्तान ने शायद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना को सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है। अब सरकार को यह सोचना है कि एक व्यक्ति ज्यादा अहम है या फिर देश के बड़े राष्ट्रीय हित।

बता दें कि मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के लिए ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया है। माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार शायद चीन मसूद को बचाने के लिए वीटो का इस्तेमाल करने से बचे। इसके साथ ही भारत भी पुलवामा हमले के बाद मसूद अजहर के खिलाफ साफ-साफ दिखने वाली कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ा है।

ऐसे में मसूद अजहर की मौत की झूठी खबर फैलाकर पाकिस्तान एक साथ कई निशाने साधने की कोशिश कर सकता है। जैश-ए-मुहम्मद को पहले ही पाकिस्तान ने प्रतिबंधित सूची में डाल रखा है। मसूद अजहर की मौत की खबर के बाद उस पर कार्रवाई का दबाव भी पाकिस्तान से हट जाएगा।

इसी कड़ी में रविवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकियों की मदद करने के आरोप में करीब 53 संगठनों पर रोक लगाई गई है। बता दें कि यह कार्रवाई विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस एलान के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने अपनी जमीन का किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सरकार ने कब्जे में ले लिया है। 

Posted By: Arun Kumar Singh

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