इस्‍लामाबाद। कोरोना वायरस की वजह से जहां सभी देश अपने मनमुटाव दूर कर इससे जंग में अपनी भागीदारी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं वहीं पाकिस्‍तान भारत द्वारा शुरू की गई ऐसी किसी जंग का हिस्‍सा नहीं बनना चाहता है। यही वजह है कि उसने सार्क सदस्‍य देशों के ट्रेड अधिकारियों के बीच होने वाली वर्चुअल कांफ्रेंस में हिस्‍सा नहीं लिया। इस मंच का बहिष्‍कार कर पाकिस्‍तान ने फिर ये साफ कर दिया है कि भारत से वार्ता की बातें जो पीएम इमरान खान अब तक करते आए थे वह केवल खोखली बातें थीं।

पाकिस्‍तान द्वारा इस ट्रेड बैठक का बहिष्‍कार करने के पीछे पाकिस्‍तान ने बहाना बनाया है वो भी बेहद घटिया है। पाकिस्‍तान के अखबार द ट्रिब्‍यून के मुताबिक ये बैठक कोरोना वायरस को लेकर रणनीति बनाने और सार्क देशों में इसके पांव पसारने पर रोक को लेकर थी। लेकिन भारत के ये कहे जाने पर कि उसके बिना इस तरह के कदम सफल नहीं हो सकते हैं, इसलिए पाकिस्‍तान ने इस बैठक का बहिष्‍कार किया है। इतना ही नहीं पाकिस्‍तान की तरफ से यहां तक कहा गया है कि पाकिस्‍तान कोरोना रोकने हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन भारत इसका ताज अपने सिर पर रखना चाहता है जो उसको मंजूर नहीं है। भारत चाहता है कि वह इसके केंद्र में रहे और इस महामारी को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की वाहवाही लूट ले।

अखबार के मुताबिक ये बैठक 15 मार्च को भारत की पहल पर आहूत की गई सार्क देशों के वीडियो कांफ्रेंसिंग का दूसरा पड़ाव थी। इस बैठक में पाकिस्‍तान के राष्‍ट्राध्‍यक्ष को छोड़कर सभी देशों के प्रमुखों ने हिस्‍सा लिया था। पाकिस्‍तान की तरफ से इस बैठक में पाकिस्‍तान के पीएम के स्‍वास्‍थ्‍य मामलों के सलाहकार और राज्‍य मंत्री जफर मिर्जा ने हिस्‍सा लिया था। आपको बता दें कि इस बैठक में पीएम मोदी ने सार्क देशों में इस महामारी को रोकने के लिए एक कोष बनाने और उसमें सबसे पहले अपना योगदान देने की बात भी कही थी। इसके अलावा ये भी कहा था कि भारत के डॉक्‍टर किसी भी देश में जाने के लिए तैयार रहेंगे और भारत इस विषय पर हासिल सभी जानकारियों को सदस्‍य देशों को मुहैया करवाएगा। इसके विपरीत जफर मिर्जा ने इस बैठक में कश्‍मीर राग अलाप कर बैठक को भटकाने का पूरा प्रयास किया था।

अखबार के मुताबिक भारत दुनिया के सामने खुद को इस तरह से पेश करना चाहता है कि वह अकेला ही इस महामारी को रोकने के लिए सब प्रयास कर रहा है। यही वजह है कि पाकिस्‍तान ने इसका बहिष्‍कार किया है। हालांकि अखबार ने माना है कि पाकिस्‍तान के इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बैठक के बहिष्‍कार को लेकर पूरा बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्‍तान सार्क का संस्‍थापक सदस्‍य है और ये एक अहम मंच है।

गौरतलब है कि पाकिस्‍तान में अब तक कोरोना वायरस के 4296 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 63 मरीजों की मौत अब तक इस वायरस की चपेट में आने के बाद से हो चुकी है। इसके अलावा 467 सही भी हुए हैं। पाकिस्‍तान में पंजाब इससे सबसे अधिक प्रभावित है। यहां पर अब तक इसके 2166 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं सिंध में 1036, खैबर पख्‍तून्‍ख्‍वां में 560 मामले, गिलगिट बाल्टिसतान में 211, इस्‍लामाबाद में 83 और गुलाम कश्‍मीर में 28 मामले अब तक सामने आए हैं।

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Posted By: Kamal Verma

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