इस्लामाबाद, एपी। पाकिस्तान ने एकबार फिर एक नापाक हरकत की है। पाकिस्तान में आए दिन प्रेस की आजादी पर हमले से जुड़े मामले आते रहते हैं। पाकिस्तान ने एकबार फिर प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बोलते हुए वैश्विक प्रेस स्वतंत्रता समूह की एशिया इकाई के नेता को ब्लैकलिस्ट कर निष्कासित कर दिया है। वैश्विक प्रेस स्वतंत्रता समूह के एशिया इकाई के कार्यकारी निदेशक ने इस बात की जानकारी दी है।

जोएल साइमन ने स्टीवन बटलर (वैश्विक प्रेस स्वतंत्रता समूह की एशिया इकाई के नेता) के निष्कासन को चौंकाने वाला और पाकिस्तान में प्रेस की आजादी पर तमाचा बताया है। बता दें, यह संस्था पाकिस्तान में प्रेस की आजादी को लेकर काफी चिंतित थी। स्टीवन बटलर को वैध वीजा होने के बावजूद लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश करने से रोक दिया गया और वहीं, से अमेरिका वापस लौटा दिया गया। इस बारे में वहां के पत्रकारों ने भी आवाज उठाई और इसे गलत बताया। इसके बारे में ट्वीटर के माध्यम से जानकारी भी दी गई। 

उन्होंने कहा कि अगर सरकार एक स्वतंत्र प्रेस के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने में रुचि रखती है, तो उसे इस मामले में एक तेज और पारदर्शी जांच करनी चाहिए।

बटलर ने कहा कि उन्हें बताया गया कि वह आंतरिक मंत्रालय की एक स्टॉप लिस्ट में हैं। पाकिस्तानी सरकार ने शुक्रवार को तत्काल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। साइमन ने सीपीजे द्वारा जारी एक बयान में कहा, 'पाकिस्तानी अधिकारियों को बटलर को प्रवेश करने और इस गलती को सुधारने से रोकने के अपने फैसला का पूरा विवरण देना चाहिए।

बटलर पाकिस्तान में मानवाधिकार के लिए अस्मा जहाँगीर सम्मेलन-रोडमैप में भाग लेने की योजना बना रहे थे। इस हफ्ते का नाम एक प्रसिद्ध पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मा जहाँगीर के नाम पर रखा गया है, जिनकी पिछले साल दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी।

Posted By: Shashank Pandey

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