इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फैजल (JUI-F) के संगठन अंसार उल इस्लाम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। इस संगठन ने प्रधानमंत्री इमरान खान को हटाने के लिए फ्रीडम मार्च की घोषणा की है। इस संगठन पर सरकार के प्राधिकार को चुनौती देने के आधार पर प्रतिबंध लगाया गया है।

संगठन ने पेश किया था सलामी गारद 

पाकिस्तानी मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार अंसार उल इस्लाम के सदस्य पीले रंग का कपड़ा पहनते हैं और हाथ में छड़ी लेकर चलते हैं। हाल ही में इन लोगों ने जेयूआइ-एफ के नेता मौलाना फजल-उर-रहमान को सलामी गारद पेश किया था।

संघीय मंत्रिमंडल की सहमति

गृह मंत्रालय ने अंसार उल इस्लाम पर प्रतिबंध लगाने के लिए संघीय मंत्रिमंडल की सहमति ले ली है। यह प्रस्ताव कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। इस संगठन ने पेशावर में कंटीले तारों से लैस छड़ी लेकर प्रदर्शन किया है। उनकी गतिविधि ने सरकारी के प्राधिकार को चुनौती दी है। यह संगठन कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ टकराव मोल लेते दिख रहा है। एक सशस्त्र बल के रूप में इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 256 के खिलाफ है। इसलिए इसपर प्रतिबंध लगाया जाता है।

इमरान खान ने बुलाई बैठक 

आजादी मार्च को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।  सरकार ने सशस्त्र बलों को तैनात करने की रणनीति तैयार करना शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 31 मार्च को होने वाले आजादी मार्च को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने पहले ही विरोध मार्च के लिए अपने समर्थन की घोषणा कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, कानून- व्यवस्था को लेकर बानी गाला में इमरान खान के निजी आवास पर एक बैठक की गई थी, जिसमें मार्च को रोकने के लिए  विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की गई। इस बारे में प्रधानमंत्री की विशेष सूचना सहायक फिरदौस आशान ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को संभालने की कोशिश कर रही है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने हवाले से कहा कि  सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कानून के मुताबिक फैसला करेगी। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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