इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संपत्ति का सही ब्योरा नहीं देने और हलफनामे में गलत जानकारियां पेश करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (69) को अयोग्य करार दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि नामांकन पत्र में प्रत्याशियों द्वारा संपत्ति की सही जानकारी नहीं देने से भ्रष्टाचार बढ़ता है। यह मुल्क के हित में नहीं है।

वर्ष 2013 के चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करते वक्त शरीफ ने कैपिटल एफजेडई से जुड़ी अपनी संपत्तियों की जानकारी उजागर नहीं की थी। शनिवार को अपने एक फैसले में शरीफ के केस का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह संपत्ति छुपाने और गलत जानकारी पेश करने को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सांसद को अयोग्य करार देने से जुड़े अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जन प्रतिनिधि संविधान के अनुच्छेद 62-1एफ के प्रति ईमानदार नहीं हैं। इसको लेकर सख्त कदम उठाने होंगे। उल्लेखनीय है कि पनामा पेपर्स मामला उजागर होने के बाद 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ को अयोग्य ठहरा दिया था, जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था।

पिछले साल उन्हें कोई भी सार्वजनिक पद संभालने के अयोग्य करार दिया गया था। शरीफ फिलहाल अल-अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल की सजा काट रहे हैं। लंदन में आलीशान फ्लैट से जुड़े एक अन्य मामले में भी उन्हें सजा हो चुकी है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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