इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनसे जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम (जेआइटी) गठित करने का आदेश दिया है। जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर पर 3,500 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग मामले में लिप्त होने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट ने गत जुलाई में जरदारी और तालपुर को घोटाले के लाभार्थियों के तौर पर जिक्र किया था। इस मामले में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष जरदारी के करीबी और जाने-माने बैंकर हुसैन लवई पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। डॉन अखबार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश इस घोटाले की जांच में हो रही देरी से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

चीफ जस्टिस साकिब निसार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने हालांकि अभी यह निर्णय नहीं लिया है कि जेआइटी में कौन लोग होंगे? शीर्ष कोर्ट निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने के पक्ष में भी है। कोर्ट ने इसे भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा मामला बताया है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing