इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को दुष्कर्मियों के रासायनिक बंध्याकरण (नपुंसक बनाने) और यौन हमलों के मामलों की तेजी से (फास्ट ट्रैक) सुनवाई संबंधी कानून को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी। यह फैसला संघीय मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया जहां कानून मंत्रालय ने प्रस्तावित अध्यादेश का मसौदा पेश किया।

हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गई।जियो टीवी के मुताबिक, अध्यादेश के मसौदे में पुलिस में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने, दुष्कर्म के मामलों की तेजी से सुनवाई और गवाहों की सुरक्षा शामिल है। इमरान खान ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इसमें देरी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमें अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की जरूरत है।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून स्पष्ट और पारदर्शी होगा जिसका सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। दुष्कर्म पीडि़ताएं बेखौफ अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी और सरकार उनकी पहचान की सुरक्षा करेगी। जियो टीवी के अनुसार, बैठक में कुछ संघीय मंत्रियों ने दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की सिफारिश भी की, लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि बंध्याकरण एक शुरुआत होगी। सत्तारूढ़ दल पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के सीनेटर फैसल जावेद खान ने ट्वीट कर कहा कि यह विधेयक जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।

सऊदी अरब में पहले से इस सजा का है प्रावधान

पाकिस्तान से काफी पहले सऊदी अरब में दुष्कर्म को लेकर काफी कड़ा कानून बनाया जा चुका है। सऊदी के इस्लामिक शरिया कानून के मुताबिक दुष्कर्म के दोषियों को कड़ी सजा दी जाती है। यहां अगर कोई व्यक्ति दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार होता है तो उस अपराधी को फांसी देने, सिर कलम करने के साथ प्राइवेट पार्ट को काटने की सजा सुनाई जाती है। यहां किसी भी जुर्म के लिए मौत की सजा का नियम है। इस हिसाब से सऊदी अरब में दुष्कर्म को लेकर सबसे कड़ा कानून बनाया गया है।

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