जेएनएन, नई दिल्ली। पाकिस्तान ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव से मुलाकात करने गईं उनकी मां अवंति और पत्नी चेतना को कदम-कदम पर अपमानित करने के लिए किसी तरह की भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इसका खुलासा वहां के ही एक टीवी पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने किया है। एक अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल के इस्लामाबाद ब्यूरो प्रमुख के तौर पर काम करने वाले पत्रकार ताहा सिद्दीकी उस क्षण के गवाह रहे जिस दौरान पाकिस्तानी पत्रकारों ने जाधव की मां और पत्नी से ऐसे ओछे सवाल किए- “एक दहशतगर्द की मां होने के नाते आपको कैसा लग रहा है?” “अपने कातिल पति के बारे में आपका क्या कहना है?” “क्या आपको कोई शर्म महसूस हो रही है?” जब पाकिस्तानी पत्रकार जाधव की मां और पत्नी से ऐसे सवाल कर रहे थे तब ताहा वहीं मौजूद थे। उनके मुताबिक कुछ पाकिस्तान पत्रकारों ने तो उन्माद में आकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए। कुछ इससे खुश थे कि उन्होंने बहादुरी का काम कर दिखाया। उन्होंने लिखा है कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई जब जाधव परिवार को झिड़कने-कोसने वाले पत्रकारों को विदेश मंत्रालय की ओर से व्हाट्सएप पर यह संदेश मिला- “जिम्मेदार मीडिया को शुक्रिया।”


उक्त संदेश ताहा को भी मिला, क्योंकि वह भी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की गतिविधियों को कवर करने वाले पत्रकारों के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हैं। ताहा के मुताबिक पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अफसरों ने कुछ पत्रकारों से यह वादा कर रखा था कि वे उन्हें जाधव परिवार की महिलाओं से बात करने का मौका उपलब्ध कराएंगे। इसी कारण जब जाधव की मां और पत्नी उनसे मुलाकात करके बाहर निकलीं तो उन्हें ले जाने वाली गाड़ी वहां नहीं थी। उनके अनुसार गाड़ी को जानबूझकर करीब दस मिनट देर से वहां लाया गया ताकि पाकिस्तानी पत्रकारों को इन महिलाओं से सवाल करने का मौका मिल जाए।

अपने साथी पत्रकारों के व्यवहार को शर्मनाक करार देने वाले ताहा का मानना है कि जाधव पर चाहे जैसे आरोप हों, उनके परिवार की महिलाओं से इस तरह बेअदबी नहीं होनी चाहिए थी और वह भी प्रोफेशनल पत्रकारों की ओर से। उनके मुताबिक इस मसले पर उन्होंने अपनी बात कहना इसलिए जरूरी समझा ताकि लोग यह न सोचें कि सभी पाकिस्तानी पत्रकार एक जैसे हैं। पाकिस्तानी पत्रकारों के भोंडे व्यवहार की आलोचना करने वाले ताहा सिद्धीकी एकलौते नहीं हैं। रउफ क्लासरा, आमिर मतीन के साथ कुछ अन्य पत्रकारों ने अपने साथी पत्रकारों के व्यवहार को शर्मनाक करार दिया है।

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Posted By: Nancy Bajpai

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