पेशावर, एएफपी। देशभर में भारी विरोध के बाद पाकिस्तान के शैक्षणिक प्राधिकरण ने स्कूली छात्राओं के लिए नकाब की बाध्यता का आदेश वापस ले लिया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर व हारीपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों ने घोषणा की थी कि अनैतिक गतिविधियों से बचे रहने के लिए छात्राओं को खुद को ढककर रखना चाहिए। पिछले हफ्ते पहली बार इससे संबंधित निर्देश दिया गया था। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया समेत पूरे देश में इसका विरोध शुरू हो गया।

सोशल मीडिया पर टूटा पड़ा गुस्‍सा 

सोशल मीडिया यूजर्स के साथ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस आदेश को महिला अधिकारों का हनन बताया था। नैयला इनायत ने ट्वीट किया, 'तो बच्चियों के साथ कुछ भी गलत होने की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। उनके साथ छेड़खानी करने वालों की नहीं।'

पाकिस्‍तान जा रहा है पीछे 

प्रमुख महिला अधिकार कार्यकर्ता ताहिरा अब्दुल्ला का कहना है कि इस तरह के आदेश से देश की छवि को नुकसान होता है। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और विकास में तरक्की कर रही है, वहीं पाकिस्तान पीछे जा रहा है।' कई लोगों ने आदेश वापस लिए जाने पर भी विरोध जताया है। प्रांत के एक विधायक सिराज-उद-दिन खान ने चेतावनी दी है कि उनकी कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी पूरे प्रांत में यह आदेश लागू करने की मांग करेगी।

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Posted By: Arun Kumar Singh

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