इस्लामाबाद, पीटीआइ। अभी हाल ही में एक वीडियो वायरल थी, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कह रहे थे कि जर्मनी और जापान की सीमाएं आपस में मिलती है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद से इमरान खान की फजीहत शुरू हो गई थी। उनकी खिल्‍ली उड़ाने वालों में कई उनके अपने ही नागरिक भी थे। इस बीच पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया, जिसकी वजह से उन्हें ट्विटर पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। बता दें कि उन्होंने दावा किया है हबल स्पेस टेलीस्कोप को नासा (NASA) के बजाय, देश की एयरोनॉटिक्स और एयरोस्पेस रिसर्च एजेंसी (Suparco) द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था।

चौधरी ने रविवार को जियो न्यूज के कार्यक्रम 'नया पाकिस्तान' में बात करते हुए बताया, 'दुनिया का सबसे बड़ा दूरबीन... अंतरिक्ष और ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग (Space and Upper Atmosphere Research Commission or SUPARCO) द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था'। मंत्री के इस बयान ने उन्हें ट्रोलर्स की लिस्ट में टॉप पर लाकर खड़ा कर दिया।

एक यूजर ने ट्वीट किया, 'नासा प्रमुख अपने पद से इस्तीफा देकर @fawadchaudhry मंत्रालय के अंतर्गत अंतरिक्ष और ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग के प्रमुख के पद पर जोइन कर सकते है। इतना ही नहीं एक यूजर ने इतना तक पूछ डाला कि क्या पाकिस्तान में स्पेस एजेंसी हैं? अगर है तो कब से है?

गौरतलब है कि सूचना मंत्री रहते हुए फवाद चौधरी ने पिछले साल नवंबर में कहा था, 'कुछ राजनेता हैं जो जमीन पर अराजकता पैदा कर रहे हैं, उन्हें अंतरिक्ष में भेजा जाना चाहिए'। उन्होंने कहा था 'मैं SUPARCO से यह सुनिश्चित करने के लिए कहूंगा कि यदि एक बार इन राजनेताओं को अंतरिक्ष में भेजा गया तो ये वापस ना लौट सकें'।

पाकिस्तान पीएम की उड़ी खिल्ली
बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की एक वीडिया शेयर की थी। यह वीडियो वहां के एक पत्रकार ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इसमें इमरान कह रहे थे कि जर्मनी और जापान की सीमा एक दूसरे से मिलती है। इसपर वीडियो शेयर करने वाले पत्रकार ने लिखा था कि जापान पूर्वी एशिया का प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश है, और जर्मनी मध्य यूरोप में है... द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान दोनों एक ही ओर से लड़ रहे थे... लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान कुछ और ही समझते हैं, और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने ऐसा कहते हैं...। हालांकि कुछ ऐसे भी थे जो इमरान खान के इस बयान को स्लिप ऑफ टंग का नाम दे रहे हैं या ये कह रहे हैं कि शायद पीएम साहब फ्रांस और जर्मनी की बात करना चाह रहे थे लेकिन जुबान से कुछ और निकल गया।

लेकिन, वहीं पाकिस्‍तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्‍बानी खार ने इस मसले को न सिर्फ पाकिस्‍तान की नेशनल असेंबली में उठाया बल्कि वह यह कहने से भी नहीं चूकी कि इमरान खान को न तो दुनिया की भूगोल का ज्ञान है और न ही इतिहास का। उन्‍होंने सदन में ये भी कहा कि इमरान खान ने तेहरान के मेहमानों के सामने इस तरह की बात कर पूरे देश का सिर शर्म से झुका दिया है। उनके मुताबिक इमरान खान के इस बयान से पूरा देश विश्‍व के सामने हंसी का पात्र बनकर रह गया है। उन्‍होंने सांसदों की मौजूदगी में पीएम इमरान खान से जानना चाहा कि वो सभी के सामने आकर बताएं कि आखिर जर्मनी और जापान की सीमाएं कब एक दूसरे से मिलती थीं।

क्या कहती है हबल दूरबीन
हबल एक खगोलीय दूरबीन है जिसे 24 अप्रैल 1990 को पृथ्वी की सतह से 568 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था। तब से लेकर अब तक, यह दूरबीन ब्रह्मांड की अनेक आकाशगंगाओं, निहारिकाओं तारों और अन्य चीजों की लगभग 7 लाख से ज्यादा तस्वीरें भेज चुकी है, जिसने ब्रह्मांड को जानने में बहुत ज्यादा सहायता की है। बता दें कि हबल दूरदर्शी को NASA ने युरोपियन स्पेस एजेंसी की सहायता से तैयार किया था। लेकिन इसे जिस अंतरिक्ष यान डिस्कवरी द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था, वो पूरी तरह से NASA का तैयार किया हुआ था।

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Posted By: Nitin Arora

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