नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान वैश्विक मंच पर भारत के खिलाफ यह दुष्‍प्रचार करते दिखाई देते हैं कि यहां अल्‍पसंख्‍यकों के साथ भेदभाव किया जाता है। लेकिन, हकीकत इसके बिलकुल उलट है। हकीकत ये है कि पाकिस्‍तान में रह रहे अल्‍पसंख्‍यक वर्षों से वहां पर जुल्‍म सह रहे हैं। हाल ही में हिंदू छात्रा की कॉलेज के हॉस्‍टल में हत्‍या का मामला हो या फिर ईश निंदा के आरोप में मौत की सजा पाने वाली आसिया बीबी हो या‍ फिर कुछ समय पहले जबरन धर्मांतरण कर शादी करने वाली लड़कियां हों, सभी इस बात का सुबूत हैं कि पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यक कहीं भी न तो सुरक्षित हैं और न ही उन्‍हें समान अधिकार ही हैं। समान अधिकारों की बात सामने आई है तो आपको यहां पर ये भी बता दें कि गैर मुस्लिमों को पाकिस्‍तान के कुछ शहरों में प्रॉपर्टी खरीदने तक का अधिकार नहीं है।  

ट्विट कर दी इसकी जानकारी 

एक कार्यकर्ता कपिल देव ने ट्विट कर इसकी जानकारी दी है। उनके मुताबिक यदि आप गैर-मुस्लिम हैं तो करार्ची के पॉश इलाके में आप प्रॉपर्टी खरीदना तो दूर किराए पर भी लेने के बारे में नहीं सोच सकते हैं। कराची के पॉश इलाके में खालिक-उज-जमन रोड क्लिफ्टन पर स्थित  मछियारा रेजिडेंसी ने अपने गेट के बाहर गैर-मुस्लिम लोगों को प्रॉपर्टी बेचने, किराए पर देने से इंकार करने का नोटिस लगाया हुआ है। कपिल के मुताबिक इस तरह का नोटिस यहां कई कॉलोनियों में भी लगा हुआ है। 

अल्‍पसंख्‍यकों की व्‍यथा 

कपिल ने अपनी व्‍यथा बताते हुए लिखा है कि 2018 में वह कराची में एक फ्लैट तलाश कर रहे थे। उस दौरान तलाश करने पर उन्‍हें ऐसी करीब 29 बिल्डिंग मिली जहां पर इस तरह का नोटिस लगा था। बहादुराबाद में भी इसी तरह का नियम लागू है। यहां पर भी गैर-मुस्लिमों को न तो मकान बेचा जाता है और न ही किराए पर दिया जाता है। यह इस बात का सीधा सुबूत है कि पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों के साथ किस तरह व्‍यवहार किया जाता है। कपिल का कहना है कि अल्‍पसंख्‍यकों को पाकिस्‍तान में कई परेशानियों से हर रोज दो-चार होना पड़ता है। ऐसा करने वालों में वहां के बहुसंख्‍यकों के अलावा वहां का स्‍थानीय प्रशासन भी शामिल है। आपको बता दें कि पाकिस्‍तान में हमेशा से ही अल्‍पसंख्‍यकों की मांगों को नजरअंदाज किया जाता रहा है। पाकिस्‍तान की सरकार हमेशा से ही एक समुदाय की बात और उनका समर्थन करती हुई दिखाई देती है।  

कई दूसरे धर्म के लोग भी होते शिकार 

वहीं पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हर बार इस बात से इंकार करते रहे हैं कि वहां पर अल्‍पसंख्‍यकों को कितनी मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। बीते कुछ समय में पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों के पूजा घरों को तोड़ना उनकी हत्‍या करना या न्‍यायिक हिरासत में उनकी संदिग्‍ध हालत में मौत वो घटनाएं हैं जो कई बार सामने आई हैं।इसके शिकार होने वालों में हिंदू, सिख, ईसाई, अहमदिया और शिया भी शामिल हैं। अल्‍पसंख्‍यकों के साथ हो रहे अत्‍याचारों का एक उदाहरण बलदेव कुमार भी हैं। वो पीटीआई के पूर्व विधायक हैं और हाल ही में खैबर पख्‍तूनख्‍वां से अपने परिवार के साथ भागकर भारत में शरण लेने आए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने भी इस मुद्दे को अपने यहां पर उठाया था।  

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Posted By: Kamal Verma

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