इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति फर्जी बैंक अकाउंट केस में गिरफ्तार किया गया है। उनकी यह गिरफ्तारी जमानत याचिका खारिज होने पर हुई। इस मामले में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी(पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर को सोमवार को सुनवाई के दौरान तगड़ा झटका लगा। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें स्थायी जमानत देने से इनकार करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दोनों को गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी।यह पूरा मामला साढ़ें चार बिलियन पाकिस्तानी रुपये के घोटाले का है। 

न्यायाधीश अमीर फारुख और न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तार कयानी की खंडपीठ फर्जी खाता मामले में दोनों की स्थायी जमानत की सुनवाई कर रही है। बता दें कि गत माह इसी मामले की सुनावई के दौरान कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दिया था। उन्हें इस दौरान छह मामलों में जमानत मिली थी। जरदारी और उनकी बहन पर पाकिस्तान से पैसा ट्रांसफर करने के लिए फर्जी बैंक अकाउंट चलाने और इससे 15 करोड़ का लेनदेन करने का आरोप है। देश के भ्रष्टाचार निरोधक इकाई नैब ने सोमवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद पुलिस के साथ नैब की टीम ने एफ -8 सेक्टर में उनके घर में प्रवेश किया। हालांकि, उनकी बहन फरयाल को अब तक गिरफ्तारी की खबर नहीं है। 

नैब का दावा है कि कम से कम आठ मामलों में जरदारी की भूमिका साबित हुई है। नैब ने इससे पहले अदालत में 11 पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी। इसके अनुसार 36 जांच मामलों में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के 63 वर्षीय सह-अध्यक्ष का नाम है। अदालत ने इस दौरान जरदारी को मनी लांड्रिंग मामले में 30 मई तक की अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें ओपल 225 संपत्ति से संबंधित जांच के मामले में भी 12 जून तक अंतरिम जमानत दी गई थी। यह संपत्ति जरदारी परिवार की है और 5,00,000 रुपये का मुचलका भरने का निर्देश दिया गया था। उन्हें पार्क लेन जांच मामले में भी 12 जून तक की अंतरिम जमानत दी गई है।

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Posted By: Tanisk

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