विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pakistan: हिंदू लड़की ने जबरन धर्म परिवर्तन पर बयान बदला, मौलवियों ने की मौत की सजा की मांग

By TaniskEdited By:
Published: Sun, 09 Feb 2020 09:59 AM (IST)Updated: Sun, 09 Feb 2020 10:29 AM (IST)

पाकिस्तान में इस्लामिक मौलवियों का एक तबका नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी के अदालत में अपने पिछले बयान को वापस ...और पढ़ें

Pakistan: हिंदू लड़की ने जबरन धर्म परिवर्तन पर बयान बदला, मौलवियों ने की मौत की सजा की मांग
Pakistan: हिंदू लड़की ने जबरन धर्म परिवर्तन पर बयान बदला, मौलवियों ने की मौत की सजा की मांग

जकोबाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में इस्लामिक मौलवियों का एक तबका नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी के अदालत में अपने पिछले बयान को वापस लेने के बाद बौखला गया है। महक ने कोर्ट में जबरदस्ती इस्लाम धर्म अपनाने की बात को नकार दिया था। अब उसने यह बयान वापस ले लिया है। 

मौलवी इससे इतना बौखला गए हैं कि उन्होंने नाबालिग को मौत की सजा देने तक की मांग की है। उनका कहना है कि लड़की ने इस्लाम का अपमान किया है। इतना ही नहीं उन्होंने सत्र न्यायालय की जांच और कार्यवाही को अस्वीकार कर दिया है और पहले ही मामले को लेकर हाई कोर्ट चले गए हैं। मौलवियों ने शरीयत कोर्ट में भी जाने की धमकी दी  है। 

धर्म परिवर्तन का कारण सरकार और मौलवियों के बीच सांठगांठ

बता दें कि पाकिस्तान में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यक महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन कराने की घटनाएं जगजाहिर हैं। आए दिन यहां ऐसे मामले सामने आते ही रहते हैं। महक कुमारी ने पहले धर्म परिवर्तन के पीछे किसी बाहरी दबाव की बात को नकराते हुए अली रजा से इच्छा से शादी करने की बात कही थी। उसने अब यह बयान वापस ले लिया है। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के लोगों ने धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापक धर्म परिवर्तन का कारण सरकार और मौलवियों के बीच सांठगांठ है। 

भविष्य में शरिया कानून के तहत काम करेंगे- मौलवी

मीडिया से बातचीत के दौरान एक मौलवी ने कहा' लड़की ने इस्लाम अपनाने से इन्कार कर दिया है और हम भविष्य में शरिया कानून के तहत काम करेंगे। हमने उच्च न्यायालय में अपील की है और कल एक आदेश प्राप्त होगा। अगर जरूरत पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट और शरीयत कोर्ट जाएंगे।'

किसी भी दबाव में फैसला नहीं करना चाहती अदालत

अदालत ने अभी तक अपना फैसला नहीं सुनाया है। उसने महक को ग्यारह दिनों के लिए स्थानीय डार-उल-अमन भेज दिया है। मामले में शिकायतकर्ता और उसके के माता-पिता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने सूचित किया कि अदालत मामले की पूरी जांच करना चाहती है और किसी भी दबाव में फैसला नहीं करना चाहती है।

अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी

वकील ने कहा 'अदालत ने कोई फैसला नहीं सुनाया है और हमें ग्यारह दिनों की समय सीमा दी गई है। अदालत ने सिंध के लरकाना जिले में दार-उल-अमन में महक कुमारी उर्फ ननकी कुमारी को रखने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने यह भी कहा है कि दोनों पक्षों, आरोपी अली रजा और शिकायतकर्ता अजय कुमार वाडवानी लड़की से मिलने के लिए अलग-अलग अनुरोध करेंगे। वे अपने स्वयं के वकील की उपस्थिति में उससे अलग से मिलेंगे।'