इस्लामाबाद, प्रेट्र। जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार को पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी सरकार से अनुरोध किया कि देश में जैश की गतिविधियां पूरी तरह बंद की जाएं। साथ ही जैश सरगना को भी अपनी गतिविधियां जारी रखने की अनुमति न दी जाए।

'डॉन' ने अपने संपादकीय में जैश को दक्षिण एशिया का सबसे खतरनाक जिहादी संगठन करार दिया। संपादकीय कहता है कि भले ही कुछ वर्ग इस कदम को भारत की जीत के तौर पर देख रहे हों, लेकिन वास्तविकता यही है कि मसूद अजहर और उसके संगठन ने पाकिस्तान के लिए मुश्किलें पैदा करने के सिवाय कुछ भी नहीं किया है।

उसने भले ही कश्मीर पर फोकस किया हो, लेकिन उसने पाकिस्तान में भी जमकर तबाही मचाई है। वहीं, 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लिखा कि चीन ने अपनी वीटो तभी वापस लिया जब अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे प्रस्तावकों के साथ बड़े कूटनीतिक समझौते हो गए।

बता दें कि संसद, पठानकोट और पुलवामा जैसे हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को बुधवार एक मई को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया गया। पिछले एक दशक से अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंध घोषित करवाने मे जुटे भारत की कोशिशों को सफलता तब मिली जब चीन ने अपना वीटो पावर हटा कर इसका समर्थन कर दिया। इसके बाद से पाकिस्‍तान सरकार ने भी मसूद पर सख्‍त कदम उठाया है। पाकिस्‍तान सरकार ने मसूद की संपत्ति फ्रीज करने और उसकी यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।  एक सरकारी अधिसूचना में पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अजहर के खिलाफ संकल्‍प को पूरी तरह से लागू किया जाए। भारत के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Tanisk

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप