इस्लामाबाद, एजेंसियां। पाकिस्‍तान में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, मुल्‍क में अब तक 745 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। दूसरी ओर महामारी के बीच विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ रविवार को लंदन से पाकिस्तान लौट आए। बता दें कि एक दिन पहले ही महामारी को फैलने से रोकने के लिए पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर दो सप्ताह का प्रतिबंध लगा दिया था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे, जहां उनकी कोरोना वायरस की जांच की गई।

...इसलिए लौटा पाकिस्‍तान

पाकिस्तान आने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, 'अभी-अभी इस्लामाबाद में उतरा हूं। एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें और अपने घरों में ही रहने की कोशिश करें ताकि हमसे कोई भी इस वायरस से प्रभावित नहीं हो। आप सभी को प्यार।' 68 वर्षीय शहबाज ने कहा कि वह शरीफ के निर्देश पर पाकिस्तान लौटे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि संकट के समय पाकिस्तान में मेरी ज्यादा जरूरत है। नवाज शरीफ ने मुझसे कोरोना वायरस के पीडि़तों की मदद करने और जरूरत के समय उनके बीच रहने का निर्देश दिया है।'

सिंध में हालात खराब, 333 मामले सामने आए

अपने आने के बाद मीडिया से संक्षिप्‍त बातचीत में शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान एक राष्ट्र की तरह घातक कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ेगा और उसे हराएगा। शहबाज ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज का इलाज जल्द ही शुरू हो जाएगा, क्योंकि उनके डॉक्टर छुट्टी से लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि शरीफ के नेतृत्व में पीएमएल-एन एकजुट है। वहीं पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत में 41 नए मामले सामने आए हैं। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले सिंध में ही संक्रमित मरीजों की संख्‍या 333 तक पहुंच गई है। कराची में कोरोना के 123 मरीज सामने आए हैं।

इमरान का लॉकडाउन से इन्कार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद देश में लॉकडाउन से इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि लॉकडाउन से अफरा तफरी मच जाएगी, उन्होंने लोगों से खुद को क्वारंटाइन करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान में संक्रमितों की सख्या 750 हो गई है।

गुलाम कश्मीर के नेताओं ने मोदी के कदमों का समर्थन किया

निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे गुलाम कश्मीर और गिलगित बाल्टिस्तान के कश्मीरी नेताओं ने कोरोना के खिलाफ पीएम मोदी द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। ग्लासगो में रहने वाले गुलाम कश्मीर के डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जनता कफ्र्यू का एलान बहुत ही सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की कमी और किसी प्रकार की राष्ट्रीय कार्ययोजना नहीं होने के कारण पाकिस्तान में स्थिति नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने कहा कि चीन और गिलगित-बाल्टिस्तान के बीच की सीमा को बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि इस क्षेत्र में कोरोना का प्रसार बहुत तेजी से फैल रहा है। इस क्षेत्र में आइसोलेशन की सुविधाओं की कमी के साथ ही टेस्ट किट की भी कमी है। गिलगित में ओसामा नाम का एक युवा डॉक्टर अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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