लाहौर, पीटीआइ। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना के साथ कट्टरपंथियों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। प्रियंता कुमारा दियावदना की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की शर्मनाक घटना के बाद उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनके साथ हुई दरिंदगी को बयां किया है। पाकिस्‍तानी चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआइ ने बताय है कि दियावदना को इतना पीटा गया था कि उनके शरीर की लगभग सभी हड्डियां टूट गई थीं। यही नहीं शैतानों ने उनके शव को 99 फीसद तक जला दिया था।

बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (Tehreek-e-Labbaik Pakistan, TLP) के समर्थकों ने शुक्रवार को एक कपड़ा कारखाने पर हमला किया था और इसके महाप्रबंधक श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना (40) को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था। यही नहीं कट्टरपंथियों ने इसके बाद उनके शव को आग लगा दी थी। दियावदना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खोपड़ी और जबड़े की हड्डी के टूटने को उनके मौत की वजह के रूप में बताया गया है।

यही नहीं बेरहमी से पीटने के कारण उनके महत्वपूर्ण अंगों लीवर, पेट और किडनी पर भी चोटें आईं। डाक्‍टरों ने रिपोर्ट में लिखा है कि कट्टरपंथियों की प्रताड़ना के निशान दियावदना के पूरे शरीर पर थे। उनको इतना पीटा गया था कि उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट चुकी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक दियावदना का 99 फीसद शरीर जल चुका था। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पैर के एक पंजे की हड्डी को छोड़कर पूरे शरीर की हड्डियां टूट गई थीं।

पोस्‍टमार्टम के बाद अब दियावदना के शव श्रीलंका के वाणिज्य दूतावास को सौंप दिया जाएगा। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद शव विशेष विमान के जरिए श्रीलंका भेजा जाएगा। इस बीच घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति दियावदना को बचाने की कोशिश करता नजर आ रहा है। दियावदना की मौत के बाद एक दूसरा शख्‍स शव को आग के हवाले नहीं करने की गुजारिश करता भी नजर आता है लेकिन कट्टरपंथी उसे एक तरफ धकेल देते हैं।

अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के बाद इमरान खान की सरकार ने 800 से अधिक लोगों के खिलाफ आतंकवाद के आरोपों में केस दर्ज किया है। वहीं गिरफ्तार किए गए 118 में से 13 प्रमुख संदिग्ध बताए जाते हैं। बड़ा सवाल यही कि कहीं यह कार्रवाई महज दिखावा तो नहीं है। दूसरी तरफ श्रीलंका में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। श्रीलंकाई संसद, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने उम्मीद जताई कि इमरान खान दोषियों को सजा जरूर दिलवाएंगे। उनका कहना है कि इमरान से उम्‍मीद है कि वह बाकी श्रीलंकाई प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।