इस्‍लामाबाद, एएनआइ। लाहौर हाइकोर्ट ने सोमवार को पाकिस्‍तान सरकार को यह आदेश दिया कि वह सात दिनों के भीतर पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग नवाज (PML-N) की उपाध्‍यक्ष मरियम नवाज की उस याचिका पर फैसला करे जिसमें उन्‍होंने अपना नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (Exit Control List, ECL) से हटाने की गुजारिश की है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, जस्टिस अली बाकिर नजफी (Justice Ali Baqir Najfi) की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने मरियम नवाज की याचिका पर यह निर्देश जारी किया।

उल्‍लेखनीय है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की बेटी मरियम नवाज ने शनिवार को लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) में याचिका दाखिल करके अपना नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से हटाने की मांग की थी। पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सोमवार को पाकिस्‍तान सरकार की रिव्‍यू कमेटी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में एक हफ्ते के भीतर फैसला ले।

बता दें कि पाकिस्‍तान के नेशनल एकाउंटबिलिटी ब्‍यूरो (National Accountability Bureau's, NAB) की अपील पर इमरान खान की सरकार ने मरियम का नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट में डाला था। इस बारे में 20 अगस्‍त 2018 को ज्ञापत जारी किया गया था। डॉन न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता ने अपनी याचिका में दलील दी है कि उनका नाम बिना किसी सूचना के ईसीएल में डाला गया था। उन्‍होंने यह भी कहा है कि इस बारे में जारी ज्ञापन गैर कानूनी है।

उल्‍लेखनीय है कि मरियम वर्तमान में चौधरी शुगर मिल्स (सीएसएम) भ्रष्टाचार मामले में जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उनका नाम नो-फ्लाई लिस्ट में बना हुआ है। उनके पिता नवाज शरीफ को इलाज कराने के लिए पिछले महीने सरकार और अदालतों ने लंदन जाने की अनुमति दी थी। मालूम हो कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने सुप्रीम कोर्ट में सीएसएम मामले में मरियम को जमानत देने के लाहौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती भी दी है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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