लंदन, पीटीआइ। ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव लाते हुए कश्मीर पर भारत की नीति का समर्थन किया है। पार्टी ने नए प्रमुख कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने इसे भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मसला बताया है जिसे दोनों देशों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाना है। इस तरह के बांटने वाले मुद्दों के लिए ब्रिटेन में कोई जगह नहीं है। ब्रिटेन में रहने वाले समुदायों को बांटने वाले मुद्दों को उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

स्टार्मर का यह रुख लेबर पार्टी के पुराने रुख से अलग है। इससे पूर्व जेरेमी कॉर्बिन के कार्यकाल में सितंबर 2019 में लेबर पार्टी ने अपना वार्षिक सम्मेलन में कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की जरूरत का प्रस्ताव पारित किया था। कॉर्बिन के नेतृत्व वाले सांसदों के समूह ने ही अनुच्छेद 370 हटने के बाद ब्रिटिश संसद में कश्मीर मसले पर प्रस्ताव रखा था, हालांकि वह पारित नहीं हो पाया था।

लेबर पार्टी को अपने इस रुख का खामियाजा आम चुनाव में उठाना पड़ा। लेबर पार्टी की ओर झुकाव रखने वाले भारतीय मतदाता उससे दूर चले गए और चुनाव में लेबर पार्टी की करारी हार हुई। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में 15 लाख भारतीय मतदाता हैं। स्टार्मर का ताजा रुख भारतीय समुदाय में पार्टी का आधार फिर से मजबूत करने की पहल मानी जा रही है।

लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया ग्रुप के साथ वार्ता में स्टार्मर ने कहा कि वह भारत के साथ मजबूत कारोबारी रिश्ते और पर्यावरण जैसे वैश्विक मसलों पर सहयोग के पक्षधर हैं। भारतीय मूल के ब्रिटिश लोगों ने ब्रिटेन और लेबर पार्टी के लिए बहुत कार्य किया है। भारतीय समुदाय के विश्वास को फिर से पाने के लिए भारतीय मित्रों के साथ मिलकर कार्य करने को तैयार हूं। स्टार्मर ने जल्द ही ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रुचि घनश्याम से मुलाकात करने के संकेत भी दिए।

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