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फिर पीछे ना हट जाए पाकिस्तान... ख्वाजा आसिफ बोले- हम हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी को सैन्य मदद देने को तैयार

Published: Wed, 30 Sep 2026 06:36 AM (IST)Updated: Wed, 30 Sep 2026 07:02 AM (IST)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ ...और पढ़ें

ख्वाजा आसिफ बोले- हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी को सैन्य मदद देने को तैयार (फोटो- रॉयटर)

ख्वाजा आसिफ बोले- हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी को सैन्य मदद देने को तैयार (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. आसिफ ने कहा कि सऊदी अरब का कोई भी दुश्मन पाकिस्तान का दुश्मन है

  2. तीनों देशों ने 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। हाल ही में लाल सागर में हूती विद्रोहियों का कब्जा फिर सऊदी के कई बड़े ठिकानों पर बमबारी कर काफी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान पाकिस्तान चुप्पी साधे बैठा रहा है। पाकिस्तान का मक्का पैक्ट पर कागजों पर दिखाई दिया। कहीं पाकिस्तान वादा करके फिर पीछे न जाए।

वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करेगा। यह बयान क्षेत्रीय संघर्ष में पाकिस्तान की संभावित प्रत्यक्ष भागीदारी का अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

रोम में पत्रकारों से बात करते हुए आसिफ ने कहा कि मैं विस्तार में नहीं जा रहा, लेकिन जब मैं कहता हूं कि हम इस समझौते से बंधे हैं कि सऊदी अरब की रक्षा करेंगे, तो इसका मतलब है कि हमारे पास जो भी साधन उपलब्ध हैं, वे सऊदी अरब के लिए भी उपलब्ध होंगे। यह स्पष्ट बयान है।

उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या पाकिस्तानी सेना पहले ही एयर स्ट्राइक में शामिल हुई है या सऊदी अरब ने मदद मांगी है। उनका बयान पाकिस्तान, तुर्कीए और सऊदी अरब के सेना प्रमुखों की रियाद में हालिया बैठक के कुछ दिनों बाद आया है।

आसिफ ने कहा कि सऊदी अरब का कोई भी दुश्मन पाकिस्तान का दुश्मन है। यह बिल्कुल साफ होना चाहिए।

तीनों देशों ने 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया है कि एक सदस्य पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।

आसिफ ने बताया कि हूतियों ने हाल के हफ्तों में सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं और यमन के लाल सागर तट पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया है। उन्होंने मोखा पोर्ट सिटी और कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया है।