कराची। पाकिस्तान के कराची में जो यात्री विमान हादसा हुआ उसके पायलट ने दो बार विमान को रनवे पर उतारने की कोशिश की मगर वो नाकाम रहा। एक बार नाकाम रहने पर विमान के पायलट ने दुबारा आसमान में चक्कर लगाया फिर वो नीचे आया और टेल लैंडिंग के जरिए विमान को रनवे पर उतारने की कोशिश की मगर वो उसमें कामयाब नहीं हो पाया।

दूसरी बार की कोशिश में विमान के टेल का एक हिस्सा रनवे से टकरा गया था जिससे उसमें आग लग गई। आग लगने के बाद भी विमान के लैंडिंग गियर नहीं खुले, तब पायलट ने विमान को संभालने की कोशिश की, मगर वो कामयाब नहीं हो पाया, इस दौरान कंट्रोल रूम से हो रही बातचीत में उसने मेडे-मेडे-मेडे का संदेश भी दिया मगर तब तक देर हो चुकी थी, विमान आबादी वाले हिस्से पर गिरकर क्रैश हो गया और इसमें सवार 99 यात्री बुरी तरह से घायल हो गए थे। इनमें से 97 की मौत हो गई। कुछ ने विमान के क्रैश करते ही दम तोड़ दिया था तो कुछ ने अस्पताल में अंतिम सांस ली, इस हादसे में मात्र दो लोग ही बच पाए। 

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के इंजीनियरिंग और रखरखाव विभाग ने शनिवार को कराची हवाई अड्डे के पास आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयरबस ए -320 के तकनीकी इतिहास पर एक संक्षिप्त विवरण जारी किया। इस रिपोर्ट के अनुसार इस साल 21 मार्च को विमान का अंतिम परीक्षण किया गया था और यह दुर्घटना से एक दिन पहले मस्कट से लाहौर के लिए उड़ा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंजन, लैंडिंग गियर या प्रमुख विमान प्रणाली से संबंधित कोई दोष नहीं था।

प्रत्यक्षदर्शी एजाज मसीह ने कहा कि वो देख रहे थे कि विमान रनवे पर उतरने का प्रयास कर रहा है। एक बार जब उसने प्रयास किया तो उसके पहिए नहीं निकले, फिर वो ऊपर चला गया, दुबारा से जब उतरने का प्रयास करने लगा तो उसका पेट रनवे को छू गया, उसके बाद उसके इंजन में आग लग गई, पायलट ने संभालने की कोशिश की होगी मगर तब तक वो आबादी वाले हिस्से में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो गया। ये सब देखते देखते हो गया। 

इसमें बताया गया कि दोनों इंजन ठीक तरह से काम कर रहे थे, एक निश्चित अंतराल पर रखरखाव कर इनकी जांच की जा रही थी। रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि हवाई जहाज को सीएए द्वारा 5 नवंबर, 2020 तक उड़ानों के लिए फिट घोषित किया गया था। सूत्रों ने कहा कि एयरबस फिटनेस का पहला प्रमाण पत्र एयरबस ए 320-200 को 6 नवंबर 2014 को 5 नवंबर, 2015 को जारी किया गया था। और हर साल विमान की पूरी जांच के बाद एयरवर्थनेस प्रमाणपत्र जारी किया गया था।

इस बीच, विमान निर्माता एयरबस ने एक बयान में कहा कि विमान ने लगभग 47,100 उड़ान घंटों और 25,860 उड़ानें की थी और इसे CFM56-5B4/P इंजन द्वारा संचालित किया गया था। कंपनी ने कहा कि वह जांच के प्रभारी पाकिस्तानी अधिकारियों को पूरी तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। पीआईए के प्रवक्ता अब्दुल्ला खान ने कहा कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को दुर्घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है। कल देर रात ब्लैक बॉक्स मिल गया था, हम इसे जांच बोर्ड को सौंप रहे हैं, दोनों फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पाए गए।  

ये भी पढ़ें: - विमान क्रैश होने से पहले पायलट ने तीन बार कहा था मेडे-मेडे-मेडे, जानिए क्या होता है इसका मतलब

Posted By: Vinay Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस