रावलकोट (एएनआई)। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित कुख्यात आतंकी समूह जैश -ए- मोहम्मद ने हाल ही में एक गुप्त सम्मेलन आयोजित कर भारत और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पाक अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में जैश -ए- मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में मारे गए आतंकियों की याद में 'शोहदा- ए- कश्मीर' सम्मेलन आयोजित किया था। बता दें कि, 6 नवंबर को पुलवामा में जैश- ए- मोहम्मद के तीन आतंकी ताल्हा रशीद, भाई मोहम्मद और बिलाल को भारतीय सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था।

इस सम्मेलन में मौलाना ताल्हा सैफ (मौलाना मसूद अजहर का छोटा भाई), मौलाना मुफ्ती असगर खान, मुख्तार (भाई मोहम्मद का पिता) समेत कई लोग शामिल थे। इस दौरान वहां शामिल सैकड़ों आतंकियों ने भारत और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारे लगाए। अमेरिका और भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों को चेतावनी देते हुए मौलाना ताल्हा सैफ ने कहा, यदि कोई फिदायीन हमलों को वास्तव में रोकना चाहता है तो उन्हें उनके सामने अपने दोनों हाथ जोड़ने पड़ेंगे। अन्य सैफुल्लाह अख्तर ने कहा, जैश- ए- मोहम्मद के कार्यकर्ता अपने साथियों की शहादत नहीं भूलेंगे और बदला पूरा होने तक अपना मिशन जारी रखेंगे।

मारे गए आतंकी भाई मोहम्मद के पिता मुख्तार ने कहा, हम पिछले 28 सालों से कश्मीर के लिए लड़ते आ रहे हैं और आज तक हमने कुछ नहीं पाया है। लेकिन, जो इसके लिए अपनी कुर्बानी दे रहे हैं वो व्यर्थ नहीं जाएगा। वे वास्तव में कश्मीर के लिए जेहाद कर रहे हैं।

अन्य आतंकी नवीन मसूद हाशमी ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ पर निशाना साधते हुए कहा कि मौलाना मसूद अजहर ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को कश्मीर में अपने भाई बहनों की सुरक्षा के लिए भेजा, लेकिन नवाज ने उन्हें पाकिस्तान में ही गिरफ्तार करवा दिया। उसने आगे कहा कि इससे पता चलता है कि नवाज शरीफ इस्लाम का दुश्मन है और यही कारण है कि हमें कश्मीर पर विजय नहीं मिल रही है। कश्मीर तभी आजाद होगा जब पाकिस्तान में इस्लाम समर्थित सरकार होगी।

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Posted By: Srishti Verma

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