नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। बालाकोट में हुई एयर स्‍ट्राइक के सदमे से पाकिस्‍तान उबर नहीं पाया है। अब उसको डर सता रहा है कि भारत इजरायल के साथ मिलकर उस पर दोबारा हमला कर सकता है। पाकिस्‍तान को लगता है कि इस बार यह हमला भारत राजस्‍थान के एयरबेस से कर सकता है। हालांकि पाकिस्‍तान के एक अंग्रेजी अखबार ने यहां तक कहा है कि सरकार को इसकी जानकारी होने के बाद भारत को इस बाबत आगाह कर दिया गया है किया यदि उस पर हमला हुआ तो वह करारा जवाब देगा। इसके बाद इस प्‍लान से फिलहाल भारत ने अपने पांव पीछे खींच लिए हैं। पाक मीडिया के मुताबिक भारत पाकिस्‍तान पर दो अन्‍य तरीकों से भी हमला करने की फिराक में है। यह हमला आतंकी और आर्थिक भी हो सकता है।

पाकिस्‍तान मीडिया में जिस तरह की चर्चा भारत को लेकर चल रही है उससे यह साबित हो गया है वह काफी डरा सहमा है। लेकिन यहां पर एक बड़ा सवाल ये है कि आखिर पाकिस्‍तान ने इजरायल का यहां पर क्‍यों जिक्र किया है। अब से पहले इस तरह की बात पाकिस्‍तान की तरफ से कभी सामने नहीं आई। लेकिन इस बार पाकिस्‍तान ने जिस वजह से इजरायल का जिक्र किया है वह बेहद खास है। दरअसल, इसको समझने के लिए कुछ दिन पहले का जिक्र करना जरूरी है। आपको बता दें कि बालाकोट के बाद पाकिस्‍तान के ड्रोन ने राजस्‍थान में भारतीय हवाई सीमा का उल्‍लंघन किया था। भारतीय सेना ने इस ड्रोन को तुरंत डर्बी मिसाइल का उपयोग कर मार गिराया था। यह मिसाइल भारत ने इजरायल से ही खरीदी थी। आपको बता दें कि इजरायल में स्‍पाइडर मिसाइल सिस्टम के तहत छोटी और मध्यम दूरी की मारक क्षमता वाली डर्बी और पाएथन-5 मिसाइल का निर्माण है। लेकिन भारत में इस मिसाइल का पहली बार इस्तेमाल किया गया है।

डर्बी मिसाइल की बात करें तो इसका वजन 118 किलोग्राम है और यह 20 से 50 किलोमीटर की दूरी तक हमला करने में सक्षम है। यह मिसाइल 30 हजार से 52 हजार फुट तक की ऊंचाई पर जा सकती है। यह मिसाइल एक्टिव लेजर और इलेक्‍ट्रामैग्‍नेटिक प्रॉक्सिमिटी फ्यूज के साथ हमला करती है। यह मिसाइल टेट्रा ट्रक से भी छोड़ी जा सकती है। इस समय यह मिसाइल इजरायल के अलावा भारत, जॉर्जिया, सिंगापुर और वियतनाम के पास है।

इसके अलावा बालाकोट में जब भारतीय वायुसेना ने एयर स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था उस वक्‍त भी इजरायल का अवाक्‍स सिस्‍टम काफी काम आया था। इसका इस्तेमाल उस वक्त किया गया जब भारत के मिराज 2000 जेट पाकिस्तान में घुसकर बमबारी कर रहे थे। इस सिस्टम को फाइटर प्लेन में फिट किया जाता है। यह दुश्मनों की एक्टिविटी के बारे में समय रहते अलर्ट कर देता है। इस ऑपरेशन की खास बात थी कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत करने के लिए खास लेजर गाइडेड मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है। AS-30 लेजर गाइड मिसाइल का इस पूरे ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया। ये एक एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल है, जिसे नॉर्ड एविएशन ने बनाया था।

इस मिसाइल को खासतौर पर बंकरों, लॉन्चपैड्स के लिए बनाया गया है, क्योंकि ये मिसाइल अपने टारगेट पर सटीक हमला करती है। ये मिसाइल AS-20 का लेटेस्ट और बड़ा वर्जन है। AS-30 लेजर गाइडेड मिसाइल की खासियत है कि इसमें टारगेट को ऐसा सेट किया जाता है कि वो किसी भी स्थिति में अपने टारगेट को निशाना बनाने के लिए इधर-उधर मूव भी कर सकती है और सिर्फ अपने टारगेट को ही निशाना बनाती है।

पाकिस्‍तान द्वारा इजरायल का जिक्र करने की एक बड़ी वजह ये भी है कि पुलवामा हमले के बाद इजरयाल ने खुलेतौर पर भारत को पाकिस्‍तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। इतना ही नहीं इजरायल ने यहां तक कहा था कि वह इसके लिए भारत को हर संभव मदद करने को तैयार है। इजरायल की तरफ से यहां तक कहा गया कि वह पाकिस्‍तान के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई करे जैसी वह फिलीस्‍तीन के खिलाफ करता है।

Posted By: Kamal Verma