नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। ग्‍वादर स्थित एकमात्र फाइव स्‍टार होटल जावेर पर्ल कॉन्टिनेंटल पर हमला करने वाले आतंकियों को भले ही दस घंटे तक चली मुठभेड़ में मार गिराया गया हो लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। इसकी वजह आतंकियों की वो धमकी है जिसमें उन्‍होंने कहा है कि भविष्‍य में चीन और पाकिस्‍तान में और हमले किए जाएंगे। आपको बता दें कि इस हमले की जिम्‍मेदारी बलूचिस्‍तान लिब्रेशन आर्मी ने ली है। इस होटल पर हमला करने वाले आतंकियों के निशाने पर चीनी नागरिक थे।

बीएलए की और हमले करने की धमकी
न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक बीएलए की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि दस घंटों की मुठभेड़ के बाद बीएलए के लड़ाकों ने अपने लक्ष्‍य को हासिल किया और अपनी आखिरी गोली तक वो लड़े। इसके बाद ही उन्‍होंने इस दुनिया को अलविदा कहा। कहा जा रहा है कि यह ट्वीट बीएलए के आधिकारिक हैंडल से किया गया है। इसी ट्वीट में पाकिस्‍तान समेत चीन में और हमले कराए जाने की धमकी भी दी गई है।

चीन ने की सेना की तारीफ
पाकिस्‍तान सेना के अधिकारी मोहसिन बट के मुताबिक आतंकी होटल के गार्ड को गोली मार कर अंदर घुसे थे। अधिकारी के मुताबिक हमलावर नाव के जरिए यहां तक पहुंचे थे। उन्‍होंने कहा कि जब हमला हुआ उस वक्‍त होटल में कोई भी विदेशी नागरिक मौजूद नहीं था। वहीं दूसरी तरफ चीन ने इस हमले के बाद एक्‍शन में आई पाकिस्‍तान सेना की कार्रवाई की तारीफ की है। साथ ही इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना भी व्‍य‍क्‍त की है। अखबार के मुताबिक चीन के कई लोग सरकार के विभिन्‍न प्रोजेक्‍ट के तहत अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे हैं और वह रहते भी दूसरी जगहों पर हैं। जहां तक इस होटल की बात है तो इसका उपयोग मीटिंग के लिए ही किया जाता है।

ये करते हैं होटल का इस्‍तेमाल
इस्‍लामाबाद स्थित चीन के दूतावास के मुताबिक इस हमले में दो सिक्‍योरिटी गार्ड घायल भी हुए हैं। आपको बता दें कि इस होटल का इस्‍तेमाल ज्‍यादातर सरकार के आला अधिकारी और चीन के लोग करते हैं। इनमें भी वह लोग ज्‍यादा हैं जो ग्‍वादर पोर्ट पर काम करने के लिए पाकिस्‍तान में रह रहे हैं। इनमें चीन के इंजीनियर से लेकर दूसरे कर्मी भी शामिल हैं।

हमले के पीछे ये है वजह
न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के मुताबिक बीएलए ने पुष्टि की है कि इस हमले को उसके चार लड़ाकों ने अंजाम दिया था। इसकी वजह चीन की इस इलाके में मौजूदगी है। बीएलए इस बात से भी नाखुश है कि चीन ने यहां पर निवेश किया है। इसमें यह भी कहा गया है कि होटल में चीन और अन्‍य देशों के निवेशकों की मौजूदगी की ही वजह से इस हमले को अंजाम भी दिया गया था। आपको बता दें कि बीएलए ने ही पिछले वर्ष नवंबर में कराची स्थित चीनी काउंसलेट पर भी हमला किया था।

चीन कर रहा निवेश 
गौरतलब है कि चीन पाकिस्‍तान से होकर जाने वाले आर्थिक गलियारे पर 62 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है। इसके अलावा भी बलूचिस्‍तान में चीन के सहयोग से कई प्रोजेक्‍ट इस इलाके में चल रहे हैं। इसके अलावा ओबीओआर पर भी चीन करीब 1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है। यह प्रोजेक्‍ट करीब 70 देशों से गुजर रहा है।

सेना की चूक की तरफ इशारा
आपको बता दें कि ग्‍वादर में चल रहे कई प्रोजेक्‍ट के चलते यहां पर काफी संख्‍या में सुरक्षा बल तैनात रहते हैं। इसके बाद भी इस हमले पर आतंकी हमला कहीं न कहीं सुरक्षा में हुई चूक की तरफ इशारा जरूर करता है। बलूचिस्‍तान के इस इलाके में कहीं कहीं पर तालिबान की भी मौजूदगी है। पिछले माह ही सेना की वर्दी पहने आतंकियों ने यहां पर 14 लोगों की हत्‍या कर दी थी। इनमें से ज्‍यादातर पाकिस्‍तान नेवी और कोस्‍ट गार्ड में काम करने वाले थे।

प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है बलूचिस्‍तान
बलूचिस्‍तान की बात करें तो यह इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है। यहां पर सोना और कॉपर से लेकर प्राकृतिक गैस का बड़ा भंडार है। यह इलाका अफगानिस्‍तान और ईरान से मिलता है। बलूचिस्‍तान के अलगाववादी गुटों की यहां पर अकसर सुरक्षाबलों से मुठभेड़ चलती रहती है। बलूचिस्‍तान के इन गुटों की मांग है कि इसे ग्रेटर ऑटोनॉमी बनाया जाए और यहां का कह बलूच लोगों को मिले।

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Posted By: Kamal Verma

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