नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की मीटिंग में दो शब्दों पर सबसे अधिक जोर दिया, एक था RSS और दूसरा BLOODBATH। इमरान खान के मीटिंग में इन दोनों शब्दों पर जोर दिए जाने के बाद इन दोनों शब्दों को सबसे अधिक सर्च किया गया। दरअसल इमरान खान ने महासभा में खुले मंच से यही कहा कि RSS मुसलमानों की दुश्मन वाली पार्टी है। RSS की गतिविधियां हमेशा से मुस्लिम विरोधी ही रही है। यदि किसी को विश्वास न हो तो वो गूगल पर जाकर RSS सर्च करके इसके बारे में और जान सकता है।

RSS और BLOODBATH ही दोहराते रहे

इसके बाद उन्होंने एक शब्द BLOODBATH का भी इस्तेमाल किया। कहा कि जब जम्मू कश्मीर अभी पुलिस तैनात है जब पुलिस हटेगी और कर्फ्यू खुलेगा तो वहां BLOODBATH होगा। उन्होंने कहा कश्मीर की समृद्धि के लिए 900,000 सैनिक तैनात किए गए हैं, जब वहां के लोग बाहर आएंगे तो वहां एक BLOODBATH होगा। 

और तो और इमरान ने उन्हें हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े, एक दक्षिणपंथी जातिवादी संगठन नाज़ी से प्रेरित भी बता दिया। आरएसएस एडॉल्फ हिटलर से प्रेरित एक संगठन था और मुसोलिनी 1925 में आया था। वे नस्लीय शुद्धता, नस्लीय श्रेष्ठता में विश्वास करते थे। उनका यह भी मानना ​​था कि वे आर्य जाति हैं जैसे नाजी मानते थे। अपनी बात को सही बताने के लिए इमरान ने कहा कि "मैं जो कुछ भी कह रहा हूं, उसे आप सभी Google पर जाकर देख और पढ़ सकते हैं। इसे चेक कर सकते हैं।

आर एस एस क्या है?

इमरान इतने पर ही नहीं रुके वो बोले कि "मेरे लिए आपको यह समझाना बहुत जरूरी है ताकि आप जान सकें कि भारत में क्या हो रहा है। आरएसएस भारत में मुसलमानों की सफाई पर विश्वास करता है।" उन्होंने एक-एक करके आरएसएस के नेताओं के नाम लिए जैसे वो इस मंच से आरएसएस की स्थापना और बड़े नेताओं की जीवनी पढ़कर आए हो। एक के बाद एक सब जानकारी देते रहे। उन्होंने कहा कि आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक गोलवलकर ने बंच ऑफ थॉट लिखा, जो हिंदू राष्ट्रवाद पर केंद्रित था।

उन्होंने एक बार नाजी जर्मनी की प्रशंसा करते हुए कहा था सावरकर ने नस्लवादी हिंदुत्व दर्शन का गठन किया और बाद में हिंदू महासभा। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की कोशिश की और ऐसे लोगों को मजबूर किया, जिन्होंने हिंदू धर्म को फिर से बनाने के लिए अन्य धर्मों में धर्मांतरण किया था। पीएम इमरान खान ने यूएनजीए के दर्शकों को आरएसएस की विचारधारा और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदू राष्ट्र संगठन के मजबूत संबंधों के बारे में विस्तार से बताया। उनके इस भाषण के बाद गूगल पर इन्हीं दो शब्दों को सर्च करना शुरु किया गया। जो लोग अब तक RSS का नाम सुनते आ रहे थे वो Google पर उसे सर्च करने लगे।

महासभा के मंच पर उतरवाई इज्जत

वैसे महासभा के मंच पर 15 मिनट ही बोलने के लिए निर्धारित था मगर इमरान ने पूरे 40 मिनट लिए। इस बात को लेकर उनकी काफी किरकिरी हुई। एक बात ये भी कही जा रही है कि यदि इमरान इस मंच से अपनी ये सभी बातें नहीं कह पाते तो पाकिस्तान में उनको सुनना पड़ता, ताने मारे जाते। इस वजह से उन्होंने मंच पर दिए गए समय को दरकिनार किया और बोलते चले गए। अपने भाषण में उन्होंने विकास के लिए एक शब्द नहीं कहा बल्कि परमाणु बम और हथियार उठाने की बात दोहराते रहे।  

Posted By: Vinay Tiwari

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