नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ अब 19 सितंबर को सऊदी अरब जाएंगे। वहां पर वो अरामको तेल प्लांट पर हुए अटैक पर संवेदना व्यक्त करेंगे और एक बार फिर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को एक तीर से दो निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।

इमरान खान सऊदी अरब के प्रिंस से मिलकर अटैक से हुए नुकसान पर संवेदना भी व्यक्त करेंगे और इसी के साथ कश्मीर मुद्दे पर फिर से समर्थन किए जाने की मांग कर सकते हैं। वैसे इससे पहले भी वो सऊदी अरब से इस बारे में सहयोग की मांग कर चुके हैं मगर उनको वहां से निराशा ही हाथ लगी थी। चूंकि भारत के सऊदी अरब के साथ बेहतर रिश्ते हैं इस वजह से वहां से पाक को कोई बेहतर रिस्पांस नहीं मिला था। अब इमरान के पास दुबारा से वहां जाकर संवेदना व्यक्त करके समर्थन मांगने का मौका है।

विदेश मंत्री कुरैशी ने लाहौर में पीटीआई पंजाब द्वारा आयोजित ऑल पार्टीज कश्मीर कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पास वहां पर बैठकर करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण चीजें हैं। उन बैठकों को सबसे आगे रखते हुए, हमें आगे के उपायों पर विचार-विमर्श करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि सबकुछ अभी से साफ कह देना ठीक नहीं है। इससे पहले दिन में, रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि टेलीफोन पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा की। इन्होंने विशेष रूप से सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हमलों पर ध्यान केंद्रित किया।

प्रधान मंत्री इमरान ने सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान का समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने इन तोड़फोड़ वाले कृत्यों का सामना करने में अपनी सभी संभावनाओं के साथ अपना पूर्ण रुख स्पष्ट किया जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और राज्य की सुरक्षा को खतरा है। यह तीसरी बार है जब दोनों नेताओं ने अगस्त से फोन पर बात की है क्योंकि प्रधानमंत्री इमरान ने विभिन्न प्लेटफार्मों पर कश्मीर पर कब्जे का मुद्दा जारी रखा है।

भारत ने 5 अगस्त को एकतरफा अपने संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने का फैसला किया, इस अनुच्छेद को खत्म किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान परेशान है, वो इस मुद्दे को लेकर तमाम जगहों पर बातचीत कर चुका है मगर किसी ने साफतौर पर साथ देने जैसी कोई बात नहीं कही है। सितंबर के प्रारंभ में, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री के साथ, सऊदी अरब के विदेश राज्य मंत्री अदल अहमद अल जुबिर ने दोनों देशों के प्रमुख राजकुमारों द्वारा सीधे टेलीफोन कॉल के परिणामस्वरूप इस्लामाबाद का दौरा किया था।  

Posted By: Vinay Tiwari

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