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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिंसक हुआ इमरान समर्थकों का मार्च, 6 सुरक्षाकर्मियों की मौत और 100 से ज्यादा घायल; इस्लामाबाद में उतारनी पड़ी सेना

Published: Tue, 26 Nov 2024 06:01 PM (IST)Updated: Tue, 26 Nov 2024 06:13 PM (IST)

इमरान खान समर्थकों का मार्च इस्लामाबाद में हिंसक हो गया। हिंसा में छह सुरक्षाकर्मियों की जान गई है। 100 से ...और पढ़ें

हिंसा में बदला इमरान समर्थकों का मार्च। ( फोटो- रॉयटर्स )
हिंसा में बदला इमरान समर्थकों का मार्च। ( फोटो- रॉयटर्स )

HighLights

  1. इस्लामाबाद के डी चौक पहुंचे इमरान समर्थक।
  2. इमरान खान की रिहाई तक डटे रहने का एलान।
  3. समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर हुई हिंसा।

पीटीआई, इस्लामाबाद। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी का प्रदर्शन इस्लामाबाद पहुंचते-पहुंचते हिंसक हो गया है। इमरान समर्थकों के साथ झड़प में छह सुरक्षाकर्मियों की जान गई और 100 से अधिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में सेना उतार दी है। इमरान समर्थकों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है। उधर, इमरान खान समर्थक इस्लामाबाद के मध्य तक पहुंच चुके हैं।

डी चौक पहुंचे प्रदर्शनकारी

जियो न्यूज के मुताबिक इमरान खान के समर्थक डी चौक पहुंच चुके हैं। डी चौक इस्लामाबाद का बेहद अहम इलाका है। इसी के आसपास राष्ट्रपति भवन, पीएम दफ्तर, सुप्रीम कोर्ट और संसद भवन स्थित है। इमरान खान की पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब तक इमरान खान को रिहा नहीं किया जाता है तब तक वह इस्लामाबाद में डटे रहेंगे।

बुशरा बीबी ने समर्थकों को संबोधित किया

इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब तक यहां इमरान खान खुद आकर अगली रणनीति का खुलासा नहीं करते हैं तब तक वे यहां से न हटें।

गृह मंत्री ने किया बड़ा दावा

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने दावा किया कि किसी को भी डी-चौक तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पीटीआई नेताओं को हर तरह से मनाने की कोशिश की। नकवी ने कहा, "हमने प्रदर्शनकारियों को संगजानी में जुटने का प्रस्ताव दिया। उनका पूरा नेतृत्व खूनखराबा नहीं चाहता। मगर एक गुप्त नेतृत्व है जो इस सबको नियंत्रित कर रहा है। वही विवाद का कारण है।

इमरान खान की पार्टी ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर और बुशरा बीबी के नेतृत्व में अपना विरोध मार्च शुरू किया। भारी बवाल के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने सेना को उतार दिया है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शन को विफल किया जाएगा। चाहे कर्फ्यू ही क्यों न लगाना पड़े।

कहां हुआ पुलिस और रेंजर्स पर हमला?

गृह मंत्री नकवी ने बताया कि हिंसा में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हैं। इनमें अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार सोमवार को पीटीआई प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में इस्लामाबाद के हकला इंटरचेंज पर एक पुलिसकर्मी की जान गई है।

उधर, रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि सोमवार देर रात इस्लामाबाद में श्रीनगर हाईवे पर एक वाहन ने पाकिस्तान रेंजर्स को टक्कर मार दी। इसमें चार जवानों की जान गई है। पांच अन्य रेंजर्स और कई पुलिस अधिकारी गंभीर घायल हैं।

रावलपिंडी में चुंगी नंबर 26 पर सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी भी की गई। इस घटना में दो पुलिसकर्मी मारे गए हैं। इस बीच इमरान खान की पार्टी ने अधिकारियों पर हिंसा का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि हिंसा में दो समर्थक की जान गई है।

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