वाशिंगटन, एजेंसी। पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत और पाकिस्‍तान दोनों ही देश तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) और पाकिस्‍तानी सैन्‍य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ (General Pervez Musharraf) के कार्यकाल में कश्मीर मसले को चरणबद्ध तरीके से हल करने के बहुत करीब थे। इमरान खान ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया। 

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी कांग्रेस की ओर से यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ पीस (US Institute of Peace) के एक कार्यक्रम में कहा कि कश्मीर एक संवेदनशील मुद्दा है जो भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद की वजह है। हालांकि, इमरान खान ने इस मसले के हल के बारे में कुछ भी खुलकर बोलने से परहेज किया। इमरान ने कहा कि पाकिस्‍तान की पहली प्राथमिकता अपने पड़ोसियों से बेहतर रिश्‍ते बनाने की है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा कश्मीर मसले पर मध्‍यस्‍थता संबं‍धी बयान को भारत ने खारिज कर दिया है।  

इमरान खान ने कहा कि पाकिस्‍तान की प्राथमिकता भ्रष्टाचार खत्म करने और मजबूत संस्थानों का निर्माण की भी है। हमारे क्षेत्र में स्थिरता होनी चाहिए। कश्‍मीर मसले की वजह से भारत के साथ हमारे संबंध ठीक नहीं रहे हैं। सत्ता में आने के बाद हमने सबसे पहले भारत से संपर्क बनाने की कोशिश की। जब भी हमने भारत के साथ संबंध सही दिशा में आगे बढ़ने शुरू हुए कोई न कोई घटना हो गई, जिससे हम फि‍र वापस उसी जगह पर पहुंच गए। ये घटनाएं कश्मीर से जुड़ी हैं। 

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद पर पूछे गए सवाल पर इमरान खान ने कहा कि यह पाकिस्तान के हित में है कि वह किसी भी सशस्त्र आतंकी समूह को अपने यहां काम नहीं करने दे। अफगानिस्‍तान के मुद्दे पर पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार और सेना की एक ही सोच है। हम मानते हैं कि हमें अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। पहले की सरकारों की तुलना में यह अब बड़ा बदलावा आया है। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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