इस्‍लामाबाद,  एजेंसी । कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए पाकिस्‍तान में पूर्ण लॉकडाउन की मांग के बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि हमारेे देश में यह असंभव है। उन्‍होंने कारण बताते हुए कहा कि पाकिस्‍तान की एक चौथाई जनता गरीबी रेखा के नीचे रहती है और वह दैनिक मजदूरी पर गुजर बसर करती है। ऐसे हालात में देश में पूर्ण लॉकडाउन की कल्‍पना नहीं की जा सकती।  

Twitter पर समझाया लॉकडाउन का मतलब 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने Twitter पर देश की आवाम को पूर्ण लॉकडाउन का मतलब समझाते हुए कहा कि यह देश में राज्य और सेना द्वारा प्रशासित कर्फ्यू लगाने जैसा है। लोगों को घर के अंदर रहने के लिए मजबूर करना है। उन्‍होंने कहा कि हमारे देश की 25 फीसद आबादी गरीबी रेखा से नीचे रहती है और दैनिक मजदूरी पर जीवित रहती है। हम अपनी ऑन-ग्राउंड स्थिति को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रहे हैं। 

देश में जमाखोरी और अराजकता का उत्‍पन्‍न हो सकता है संकट

उन्होंने कहा कि हमें अपने और अपने बुजुर्गों के लिए जिम्मेदार होने की जरूरत है। हमें और सभी को सुरक्षित रखने के लिए ऐहतियात बरतने की जरूरत है। हम अपने को सुरक्षित रखने के लिए सामाजिक दूरी और एक दूसरे से पृथक रहने का अभ्यास करने की जरूरत है। हमें घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह केवल अराजकता का कारण बनेगा। लोग जमाखोरी शुरू कर देंगे और भोजन की कमी का कारण बन सकते हैं। इससे गंभीर परिणाम होंगे। हम इस संकट के दौरान अपने लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

Posted By: Ramesh Mishra

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