इस्‍लामाबाद (एएनआई)। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए विपक्ष के साथ-साथ अब अपनी ही पार्टी के नेता मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। इसके लिए इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) ने नेशनल असेंबली के सदस्‍य नूर आलम खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नूर ने इमरान खान सरकार की तीखी आलोचना की की थी, जिसके बाद उन्‍हें ये नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि उन्‍होंने ऐसा क्‍यों किया।

बता दें कि नूर आलम खान ने नेशनल असेंबली मं हुई संसदीय बैठक के दौरान पाकिस्‍तान की पीटीआई सरकार और उसकी नीतियों की कड़ी आलोचना की थी। इस बैठक में उन्‍होंने पाकिस्‍तान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की थी और देश में व्‍याप्‍त बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। जियो न्‍यूज के मुताबिक इसी वजह से उन्‍हें नोटिस जारी किया गया है। बाद में नूर आलम ने कहा कि उन्‍होंने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए। अब यदि सरकार और उनकी पार्टी इसको उल्‍लंघन मानती है तो यही सही। लेकिन, वो इससे पीछे नहीं हटने वाले हैं और ये मुद्दे उठाते रहेंगे। उन्‍हें इस बात की परवाह नहीं है कि उन्‍हें पीटीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जियो न्‍यूज के मुताबिक नूर ने आगे कहा कि वो जनता द्वारा चुने गए सदस्‍य है और उनकी ये जिम्‍मेदारी है कि वो सरकार के सामने जनहित के मुद्दे उठाए जिनके लिए उन्‍हें भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक उन्‍हें कारण बताओ नोटिस परवेज खट्टक ने भेजा है। नूर का कहना है कि परवेज को इस तरह का नोटिस भेजने का कोई अधिकार नहीं है, क्‍योंकि वो पार्टी के प्रमुख नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि जनहित की आवाज उठाकर उन्‍होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उनका कहना था कि हर साल देश में महंगाई की दर बेतहाशा बढ़ रही है। लोगों की नौकरियां छूट रही हैं और उन्‍हें दो वक्‍त का पेट भर खाना भी नहीं मिल रहा है। देश में खाने-पीने की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं। ऐसे में उनका सवाल उठाना कहीं से भी सही नहीं है।

Edited By: Kamal Verma