इस्‍लामाबाद, जेएनएन। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कश्‍मीर को लेकर दोमुंहा चेहरा फिर सामने आ गया है। उन्‍होंने कश्‍मीर के पुलवामा में आतंकियों और नागरिकों की हत्‍या पर दुख जताया है, लेकिन कश्‍मीर में जारी आतंकवादी गतिविधियों के बारे में कुछ भी नहीं कहा है। इससे लगता है कि पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ का कश्‍मीर के पत्‍थरबाजों का किस प्रकार का शह हासिल है।

इमरान खान ने ट्वीट के जरिये कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पुलवामा में निर्दोष कश्मीरी नागरिकों की हत्या की है, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। उन्‍होंने कहा कि केवल संवाद के जरिए समस्‍या का हल‍ किया जा सकता है। हिंसा और हत्याएं इस संघर्ष को हल नहीं कर सकते हैं।

उन्‍होंने कहा कि हम कश्‍मीर में भारत के मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे को उठाएंगे और मांग करेंगे कि संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ सिक्‍योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) अपनी जम्मू-कश्मीर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी करे। इमरान ने इस मामले में कहा कि कश्‍मीरियों को उनका भविष्‍य निर्धारित करने दीजिए।  

गौरतलब है कि फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर शनिवार को खारपोरा पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो साथियों के साथ मारा गया। मुठभेड़ में एक सैन्यकर्मी शहीद और एक अन्य जख्मी हो गया।

इस बीच, आतंकियों की मौत के बाद भड़की हिंसा में सात प्रदर्शनकारियों की मौत जबकि दो दर्जन से अधिक जख्मी हो गए हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर बतार्इ जा रही है। स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में मोबाईल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने के साथ ही बनिहाल-श्रीनगर रेल सेवा को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

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