इस्लामाबाद, एजेंसी। आतंकवाद को बढ़ावा देने और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के लिए दुनिया भर में बदनाम पाकिस्तान अपनी खस्ता हालत को दूर करने के लिए नित नए 'करतब' कर रहा है। अब उसने दुनिया के अमीर विदेशी लोगों को पाकिस्तान में पूंजीनिवेश के लिए आमंत्रित किया है। इसके लिए उसने निवेशकों को पाकिस्तान में स्थायी रूप से रहने की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा है। जिन लोगों को उसने खासतौर पर आमंत्रित किया है उनमें अमेरिका और कनाडा में रहने वाले सिख, अफगान और चीनी मूल के लोग हैं।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने कई महीने पहले तमाम सुविधाएं देते हुए अप्रवासी पाकिस्तानियों को वापस बुलाया था लेकिन अपने देश की स्थितियों से वाकिफ अप्रवासियों ने इमरान सरकार के प्रस्ताव को तवज्जो नहीं दी थी। पाकिस्तान ने यह नया प्रस्ताव अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को सार्वजनिक करने के एक दिन बाद पेश किया है। उस नीति के मूल में भी आर्थिक दशा को सुधारने की जुगत है। सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि ताजा प्रस्ताव राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद का कदम है। इससे देश की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी।

पाकिस्तान सरकार के एक अन्य मंत्री के अनुसार इस प्रस्ताव का बड़ा उद्देश्य उन अमीर अफगानों को पूंजीनिवेश के लिए बुलाना है जो अफगानिस्तान में तालिबान सरकार आने के बाद वहां से निकलना चाहते हैं। वे तुर्की, मलेशिया और कुछ अन्य देशों में जाने तथा वहां पर कारोबार करने की संभावना तलाश रहे हैं। चौधरी के मुताबिक अमेरिका और कनाडा में रहने वाले सिखों को हम उनके धर्मस्थलों वाले शहरों में निवेश का मौका और सुविधाएं दे सकते हैं।

इसी प्रकार से चीन मूल वाले लोगों को हम पाकिस्तान में औद्योगिक इकाई लगाने में सहायता कर सकते हैं। यह सरकार का ऐतिहासिक कदम है। इसके जरिये हम विदेशियों को देश में जमीन-जायदाद का कारोबार करने का मौका भी दे रहे हैं। देश के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को वित्त और गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निवेश परिषद के साथ बैठक करके पूंजीनिवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का खाका तैयार करने का निर्देश दिया था।

Edited By: Ramesh Mishra