पाकिस्तान में अपहृत हिंदू नाबालिग को छह महीने बाद बचाया गया, जबरन मतांतरण के बाद कर दी गई थी शादी
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुरखास में छह महीने पहले अपहृत 15 वर्षीय हिंदू लड़की को बचा लिया गया है।

(सांकेतिक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, कराची। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुरखास में एक 15 साल की हिंदू लड़की के अपहरण के छह महीने बाद उसे बचाने में कामयाबी हासिल हुई है। उसकी जबरन मतांतरण कराकर शादी करा दी गई।
हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले एनजीओ 'पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद' के चेयरमैन फकीर शिव ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के सहयोग से रविवार को किशोरी को बचाया गया और उसके परिवार से मिलाया गया। वह अब सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है।
किशोरी का पता लगाने और उसे वापस लाने में छह महीने लग गए। आरोप है कि उसे मीरपुरखास के पास से अपहरण करके बादीन के पास एक इलाके में ले जाया गया था, जहां जबरदस्ती मतांतरण कराकर शादी करा दी गई थी।
पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद हिंदू समुदाय से जुड़े मामलों को उठाता रहा है। संगठन का कहना है कि इन परिवारों की ओर से अक्सर अपनी बेटियों के अपहरण और जबरदस्ती शादी की शिकायतें आती रहती हैं।
सिंध के टंडो अल्लाहयार जिले के एक अलग मामले में, 29 अगस्त को दो नाबालिग हिंदू बहनों के अपहरण, जबरदस्ती मतांतरण और शादी का मामला सामने आया था।
पुलिस की ओर से उसे छुड़ाए जाने के बाद भी कोर्ट ने परिवार के पास लौटने की गुहार को खारिज करते हुए उसे शेल्टर होम भेज दिया। टंडो अल्लाहयार से ही नौ सितंबर से एक और हिंदू लड़की लापता है और उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
