इस्लामाबाद, रायटर। पाकिस्तान में भारी बर्फबारी और तेज बारिश के कारण 57 लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा लोग गुलाम कश्मीर में मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिमस्खलन व भूस्खलन के चलते बलूचिस्तान में 14 और पंजाब में कम से कम सात लोगों की जान जा चुकी है। खराब मौसम में हुई सड़क दुर्घटनाओं में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं।

पाकिस्तान के राहत, आपदा एवं लोक रक्षा सचिव सैयद मोहिउद्दीन कादरी ने बताया कि भीषण हिमपात के कारण ऊंचाई वाले इलाकों का पूरे देश से संपर्क टूट गया है। लगातार वर्षा के कारण सियालकोट, गुजरात और पंजाब के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। प्राकृतिक आपदा के कारण पाकिस्तान को पड़ोसी मुल्कों से जोड़ने वाली सड़कें भी बंद पड़ीं हैं। गुलाम कश्मीर में हुई बर्फबारी ने पिछले 50 वर्षो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

भारी बर्फबारी और लगातार बारिश की मार सबसे ज्यादा पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान पड़ी है। यहां के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को बताया कि यहां विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों में 14 लोग मारे गए। अधिकारी ने इसका मुख्य कारण भारी बर्फबारी के बीच छत गिरना बताया। आपातकालीन अधिकारियों के अनुसार पंजाब प्रांत में भारी बारिश से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि गुलाम कश्मीर (PoK)में पांच अन्य की मौत हो गई।

क्वेटा-चमन राजमार्ग पर यातायात परिचालन ठप

डॉन न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार क्वेटा-चमन राजमार्ग पर यातायात परिचालन रोक दी गई है। अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान को जोड़ने वाले खजक-पास पर भी भारी बर्फबारी हुई। इसके चलते बॉर्डर के दोनों ओर सामान से लदे हुए वाहन रुके हुए हैं। 

पाकिस्तान-ईरान सीमा के करीब दो दर्जन के करीब यात्री फंसे

चार वाहनों में दो दर्जन के करीब यात्री पाकिस्तान-ईरान सीमा के करीब कछार के दूर-दराज इलाके में फंसे होने की भी जानकारी आई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री बलूचिस्तान जाम कमाल खान ने कहा कि प्रांतीय सरकार सड़कों को खोलने और बारिश और बर्फ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हर संभव मदद का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।

गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी बर्फबारी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

रविवार को प्रांत के मस्तुंग, किला अब्दुल्ला, केच, जियारत, हरनई और पिशिन जिलें में भारी बर्फबारी के कारण आपातकाल घोषित कर दिया गया । मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए क्वेटा सहित प्रांत के अधिकांश हिस्सों में ठंड और शुष्क मौसम का अनुमान जताया है। गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी बर्फबारी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि क्वेटा में यह 20 साल के रिकॉर्ड को पार कर गया।

Posted By: Tanisk

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस