लाहौर, एएनआइ। मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने वाला हाफिज सईद हृदय संबंधी दिक्कतों से जूझ रहा है। लाहौर के एक अस्पताल में गुरुवार को उसकी एंजियोप्लास्टी की गई। अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिए एंजियोप्लास्टी की जाती है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सईद आतंकी फंडिंग के मामलों में जेल की सजा काट रहा है।

सीने में तेज दर्द की शिकायत

स्थानीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, जेल में सईद ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उसे लाहौर के पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में उसकी दायीं धमनी बंद पाई गई। अवरोधों को दूर कर दिया गया है। उसे निगरानी में रखा गया है। सईद को आतंकी फंडिंग से जुड़े दो मामलों में गत 12 मार्च को दोषी ठहराया गया था और साढ़े पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सईद पर प्रतिबंध लगा दिया था। वह अकेले अपने मुल्क में ही आतंकी हमलों के 23 मामलों का सामना कर रहा है।

हाफिज सईद कभी भी हो सकता है रिहा 

कुछ दिनों पहले पाक अखबार डॉन के अनुसार हाफिज सईद के वकील का तर्क है कि सईद को एफएटीएफ की मीटिंग से पहले दबाव में गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा उसे गिरफ्तार करने का कोई और कारण नहीं है।  डॉन के अनुसार विदेश के अलावा लश्कर ए तैयबा और जमात उद दावा ने अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की है। जमात-उद-दावा के नेतृत्व वाले लश्कर ने अफगान तालिबान और अलकायदा के साथ-साथ पंजाबी तालिबान में विकसित होने वाले तत्वों के साथ संबंध बनाए रखे हैं। जानकार सूत्रों ने बताया है कि हाफिज को गिरफ्तारी के लिए आदेश में जानबूझकर ऐसी खामियां छोड़ी गईं, जिससे वह कभी भी रिहा हो सकता है। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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