इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार का विरोध करने वाले एक वरिष्ठ जनरल को परिवार सहित घर में कैद कर लिया गया है। इस जनरल ने बाजवा के तीन साल के सेवा विस्तार के विरोध में सार्वजनिक बयान दिया था।

लेफ्टिनेंट जनरल सत्तार सेना प्रमुख बनने के दावेदार थे

लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज सत्तार सेना प्रमुख बाजवा के बाद सेना प्रमुख बनने के बड़े दावेदार थे। वह पाकिस्तानी सेना में बाजवा के बाद सबसे वरिष्ठ (सीनियर मोस्ट) जनरल थे। प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत करने से जनरल सत्तार की सेना प्रमुख बनने की संभावना खत्म हो गई। इसलिए उन्होंने बाजवा के सेवा विस्तार पर विरोध जताया था।

जनरल सत्तार ने बाजवा के सेवा विस्तार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की थी

रीजोनेंट न्यूज के अनुसार जनरल सत्तार ने छह अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा से शिकायत की थी। कहा था कि सेना के 24 लेफ्टिनेंट जनरल अगले तीन साल में रिटायर होंगे। जनरल बाजवा को सेवा विस्तार मिलने से इन लेफ्टिनेंट जनरलों के सेना प्रमुख बनने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। इससे उनके करिअर को बड़ा नुकसान होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने जनरल बाजवा का सेवा विस्तार तीन साल से घटाकर छह महीने कर दिया

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनरल बाजवा का सेवा विस्तार तीन साल से घटाकर छह महीने कर दिया। इसी के बाद जनरल सत्तार को परिवार के साथ उनके घर में कैद कर दिया गया।

सत्तार ने बाजवा के सेवा विस्तार के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था

वैसे सत्तार ने बाजवा के सेवा विस्तार की खबरों पर विरोध जताते हुए 26 नवंबर को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल नदीम रजा को प्रोन्नत कर सेना की खुफिया कार्रवाइयों का मुखिया बना दिया गया था। जनरल बाजवा के बाद उन्हीं के सेना प्रमुख होने की संभावना है।

Posted By: Bhupendra Singh

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