मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, एजेंसी। पाकिस्तान में राज कर रही इमरान खान सरकार से वहां के एक पूर्व विधायक ने ही अपनी जान का खतरा बताया है। जान पर खतरा बताते हुए पूर्व विधायक ने भारत सरकार से राजनीतिक शरण की मांग की है। पूर्व विधायक का नाम बलदेव कुमार है और वो खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बारीकोट (आरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। बलदेव पर 2016 में एक सिख विधायक की हत्या का भी आरोप है।

उधर खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शौकत अली यूसफजई ने मीडिया से कहा कि कुमार जहां कहीं भी रहना चाहते हैं, उन्हें इसकी आजादी है। उन्होंने बताया कि कुमार ने तीन वर्ष तक खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में पीटीआई अध्यक्ष के तौर पर काम किया था।

तहरीक-ए-इंसाफ के ही एक सिख विधायक सरदार सोरन सिंह जो इसी प्रांत में अल्पसंख्यक सीट पर चुने गए थे, उनकी अप्रैल 2016 में बुनेर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, इसी में बलदेव कुमार का नाम सामने आया था। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ राज कर रही है। इसी पार्टी से बलदेव कुमार चुनाव लड़े थे।

पंजाब के नगर खन्ना में परिवार के साथ रह रहे विधायक

हिंदू विधायक बलदेव कुमार लगभग एक महीने से पंजाब के नगर खन्ना में अपनी ससुराल में अपनी पत्नी भावना और दो बच्चों के साथ रुके हुए हैं। वो कहते हैं कि इन दिनों पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, दिनोंदिन उन पर अत्याचार बढ़ता रहा है और उनकी हत्याएं की जा रही है। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक होने के नाते ही उनको भी दो साल जेल में रखा गया।

इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के नेता रहे हैं बलदेव

इस साल ईद से पहले तक वो पाकिस्तान में ही रह रहे थे। मगर 11 अगस्त को ईद के दिन भारत आ गए। अब वो पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते, उनका कहना है कि वो यहां आ गए हैं और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शरण और सुरक्षा देने का आग्रह करेंगे। उनका कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर मुकदमे चलाए जा रहे हैं और हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं।

परिवार के बारे में बताते हुए वो बताते हैं कि मेरे भाई वहां (पाकिस्तान में) हैं। इन दिनों वहां के हालात खराब हैं इस वजह से कई सिख और हिंदू परिवार भारत आकर बसना चाहते हैं। वहां बने गुरुद्वारों की स्थिति भी खराब है। उन्होंने कहा कि वो इमरान खान की पार्टी में शामिल थे, चुनाव जीतने से पहले इमरान खान ने भी तमाम तरह के वायदे किए थे मगर चुनाव जीतने के बाद वे भी बदल गए। इस वजह से उनकी पार्टी से जुड़े लोग ही अब वहां से निकलना चाह रहे हैं।  

Posted By: Vinay Tiwari

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