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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तान के क्वेटा शहर में ब्‍लास्‍ट, पांच घायल; पास में ही मैच खेल रहे थे बाबर आजम और शाहिद अफरीदी

By AgencyEdited By: Praveen Prasad Singh
Published: Sun, 05 Feb 2023 06:35 PM (IST)Updated: Sun, 05 Feb 2023 07:06 PM (IST)

कराची पीटीआई पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को हुए बम विस्फोट में कम से कम ...और पढ़ें

टीटीपी ने एक बार फिर पाकिस्‍तान में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है।
टीटीपी ने एक बार फिर पाकिस्‍तान में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है।

कराची, पीटीआई: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में रविवार को हुए बम विस्फोट में कम से कम पांच लोग घायल हो गए। विस्फोट क्वेटा पुलिस लाइंस क्षेत्र में हुआ, और घायलों को, जिनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं, शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षाबलों ने घटनास्‍थल को घेर लिया है। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। टीटीपी ने विस्‍फोट के बाद कहा कि इसमें सुरक्षा अधिकारियों को निशाना बनाया गया था।

इस बीच, क्वेटा के नवाब अकबर बुगती स्टेडियम में खेले जा रहे पाकिस्‍तान सुपर लीग (पीएसएल) के मैच को भी विस्‍फोट की वजह से रोकना पड़ा। इस मैच में पाकिस्‍तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम और पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी जैसे हाई-प्रोफाइल खिलाड़ी हिस्‍सा ले रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोई भी खिलाड़ी घायल नहीं हुआ है।

कुछ दिन पहले ही पेशावार की एक मस्‍जिद में दोपहर की नमाज के दौरान एक आत्‍मघाती हमलवार ने खुद को विस्‍फोट से उड़ा लिया था। इस घटना में 101 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था, जबकि 200 अन्‍य घायल हो गए थे।

पिछले कुछ समय में पाकिस्‍तान को कई आतंकी हमलों का सामना करना पड़ा है जिनमें से ज्‍यादातर देश के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए। साथ ही इसकी सीमा से लगते बलूचिस्‍तान और पंजाब के शहर मियांवाली में भी हमले हुए हैं।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, शुक्रवार को शीर्ष समिति की बैठक के दौरान, पाकिस्तान के नेतृत्व ने टीटीपी को नियंत्रित करने के लिए अफगान तालिबान प्रमुख हैबुतल्लाह अखुंदजादा के हस्तक्षेप की मांग करने का फैसला किया।

पिछले साल नवंबर में टीटीपी ने जून 2022 में पाकिस्‍तान सरकार के साथ हुए संघर्षविराम समझौते को खत्‍म कर दिया था और अपने लड़ाकों को पाकिस्‍तानी सुरक्षाबलों पर हमले का आदेश दिया था।

टीटीपी, जिसके बारे में माना जाता है कि अल-कायदा से करीबी संबंध हैं, ने कहा है कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखता है तो वह प्रधानमंत्री शरीफ के पीएमएल-एन और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी के पीपीपी के शीर्ष नेताओं को निशाना बना सकता है।

पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अफगानिस्‍तान में सत्ता में आने के बाद अफगान तालिबान टीटीपी के गुर्गों को बाहर करके पाकिस्तान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन उन्होंने इस्लामाबाद के साथ संबंधों को दरकिनार करते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया।

टीटीपी, जिसे अल-कायदा का करीबी माना जाता है, को पाकिस्तान भर में कई घातक हमलों के लिए दोषी ठहराया गया है, जिसमें 2009 में सेना मुख्यालय पर हमला, सैन्य ठिकानों पर हमले और 2008 में इस्लामाबाद में मैरियट होटल में बमबारी भी शामिल है। 2014 में, पाकिस्तानी तालिबान ने पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला किया, जिसमें 131 छात्रों सहित कम से कम 150 लोग मारे गए थे।

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