इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक डा अब्दुल कादिर खान का रविवार को निधन हो गया है। वह 85 वर्ष के थे। उन्हें पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक माना जाता था। आज सुबह ही उनका निधन हुआ है।

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कादिर खान की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार रात को उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद आज सुबह 7:04 बजे उनका निधन हो गया। डाक्टरों ने बताया कि उनकी मृत्यु फेफड़ों के खराब होने से हुई है।

पाकिस्तानी नेताओं ने जताया दुख

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक और अन्य संघीय मंत्रियों ने वैज्ञानिक के निधन पर दुख व्यक्त किया है।खट्टक ने उर्दू में ट्वीट करते हुए लिखा, 'डा अब्दुल कादिर खान के दुखद निधन पर गहरा दुख हुआ। यह बहुत बड़ी क्षति है। पाकिस्तान हमेशा राष्ट्र के लिए उनकी सेवाओं का सम्मान करेगा। राष्ट्र हमारी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में उनके योगदान के लिए उनका ऋणी है।'

मध्य प्रदेश के भोपाल में हुआ था जन्म

अब्दुल कादिर खान का भारत से भी रिश्ता था। उनका जन्म एक अप्रैल, 1936 को मध्य प्रदेश के भोपाल में हुआ था। बंटवारे के दौरान वो अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। कादीर खान पाकिस्तान के पहले ऐसे नागरिक थे जिन्हें तीन प्रेसिडिंशियल अवार्ड से नवाजा गया था। इसके अलावा दो बार निशान-ए-इम्तियाज और एक बार हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित किए गए थे।

कई देशों को परमाणु टेक्नोलाजी बेचने का लगा था आरोप

अब्दुल कादिर खान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक माना जाता है। उन पर वैश्विक परमाणु प्रसार में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। खान ने 2004 में उत्तर कोरिया, लीबिया को परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में मदद करने की बात कबूल की थी।

इमरान खान पर लगाया था नजरअंदाज करने का आरोप

पिछले महीने अब्दुल कादिर खान ने कहा था कि वह लंबे समय से बीमार हैं लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान या फिर उनकी कैबिनेट के किसी सदस्य ने उनका हालचाल नहीं लिया था। वे काफी दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे। पाक मीडिया के अनुसार, 26 अगस्त को कोरोना पाजिटिव होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

Edited By: Neel Rajput