इस्‍लामाबाद (जेएएन)। पेरिस में चल रही फाइनेंशियन एक्‍शन टास्‍क फोर्स की बैठक आज खत्‍म हो गई है। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक के बाद इसके अध्‍यक्ष पाकिस्‍तान को लेकर कोई अहम घोषणा करेंगे। इस घोषणा के साथ ही पता चल जाएगा कि पाकिस्‍तान ग्रे-लिस्‍ट में बना रहेगा या नहीं, या फिर उसको काली सूची में डाल दिया जाएगा।

पाकिस्‍तान के अखबार द डॉन का कहना है कि एफएटीएफ के सदस्‍यों और ज्‍यूरी मैंबर्स के बीच में इसको लेकर मतभेद हैं। इनमें एक राय कायम नहीं हो पा रही है। कुछ सदस्‍य पाकिस्‍तान के इस ओर उठाए कदमों को संतुष्‍ट होने के लिहाज से नहीं देख रहे हैं। लिहाजा ऐसे सदस्‍य पाकिस्‍तान को ग्रे-लिस्‍ट में बनाए रखना चाहते हैं। इनका कहना है कि पाकिस्‍तान को जुलाई तक इसी लिस्‍ट में रखना चाहिए और देखना चाहिए कि वो आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए और क्‍या कड़े कदम उठाता है। वहीं कुछ इन कदमों को संतोषजनक मान रहे हैं और चाहते हैं कि पाकिस्‍तान को ग्रे-लिस्‍ट से बाहर कर दिया जाए। बहरहाल, इसको लेकर मंथन अभी जारी है और गुरुवार रात तक एफएटीएफ के अध्‍यक्ष इस बारे में अपना फैसला सुना देंगे।

पाकिस्‍तान के ऊपर हुई मंत्रणा के बाद संगठन के अध्‍यक्ष की तरफ से दुनिया के सभी देशों की प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी। पाकिस्‍तान मीडिया की मानें तो इसके आधार पर पाकिस्‍तान ने एफएटीएफ के 40 मानकों में से महज दो में ही कुछ सुधार किया है। मीडिया की खबरों में ये भी कहा गया है कि पाकिस्‍तान पर कोई फैसला एफएटीएफ के बताए 27 प्‍वाइंट एक्‍शन प्‍लान के आधार पर लिया जाएगा।

इस मामले में द डॉन अखबार ने पाकिस्‍तानी राजनयिकों के हवाले से लिखा है कि चीन, तुर्की और मलेशिया की वजह से उन्‍हें काली सूची में नहीं डाला जा सकेगा। इसको रोकने के लिए ये तीनों देश पूरी ताकत झोंक देंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने देंगे। इन राजनयिकों का ये भी कहना है कि ये देश ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं करेंगे कि ये पाकिस्‍तान के मित्र राष्‍ट्र हैं बल्कि इसलिए भी करेंगे क्‍यों पाकिस्‍तान ने आतंकवाद की रोकथाम के लिए काम किया है। इनके मुताबिक पाकिस्‍तान ने एफएटीएफ के बताए 27 तय मानकों में से 21 पर काम किया है।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021