लाहौर, प्रेट्र। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पुलिस के कथित एनकाउंटर में एक दंपती और उनकी नाबालिग बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने इस घटना को आतंकियों से मुठभेड़ बताया है। लेकिन, पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से इसकी रिपोर्ट मांगी है।

यह कथित मुठभेड़ लाहौर से 200 किलोमीटर दूर साहीवाल हाईवे पर शनिवार को उस वक्त हुई जब एक परिवार अपनी कार से यात्रा कर रहा था। पुलिस की गोलीबारी में कार में बैठे मुहम्मद खलील, उनकी पत्नी नबीला और 13 वर्षीय बेटी के साथ कार चला रहे उनके दोस्त जीशान जावेद की मौत हो गई। कार में बैठे दंपती के नाबालिग बेटे को भी एक गोली लगी है, उनकी दो बेटियां हालांकि सुरक्षित हैं। आतंक रोधी विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों का कहना है कि जावेद वांटेड आतंकियों की सूची में था।

खुफिया विभाग से पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी एक कार में हथियारों और विस्फोटकों के साथ साहीवाल की ओर आ रहे हैं। उनकी कार को रुकने का इशारा किया गया लेकिन उन्होंने कार रोकने की जगह पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि पुलिस के बयान को गलत ठहराया है। उनका कहना है कि कथित मुठभेड़ के बाद कार से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ। केंद्रीय सूचना मंत्री फवाद चौधरी का कहना है कि शायद खुद को बचाने के लिए आतंकियों ने मानव ढाल के रूप में इन लोगों को इस्तेमाल किया।

Posted By: Manish Negi

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