सीमा पर फिर भिड़े पाकिस्तान और तालिबान; कई लड़ाके ढेर, सैन्य ठिकाना तबाह
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार ...और पढ़ें

अफगान-पाकिस्तान में फिर भिड़ंत, तालिबान को भारी नुकसान का दावा
HighLights
खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी के बाद टोपसर चौकी और शिपोला बेस कैंप को बनाया निशाना
पाकिस्तान में सितंबर में उग्रवादी हमलों का 12 साल का मासिक रिकॉर्ड, 225 घटनाएं दर्ज
पीटीआई, पेशावर। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी के बाद की गई जवाबी कार्रवाई में अफगान तालिबान के कई लड़ाके मारे गए।
पाकिस्तानी बलों ने अफगान सीमा के पास टोपसर चौकी और शिपोला बेस कैंप को निशाना बनाया। अधिकारियों ने दावा किया कि शिपोला कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया। एक सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, तैदा सेक्टर, अपर कुर्रम और गूज गढ़ी के इलाकों में गोलीबारी हुई।
पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगान तालिबान ने सीमा पार से उग्रवादियों की घुसपैठ में मदद करने के लिए गोलीबारी की। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने गूज गढ़ी सीमा क्षेत्र के पास कार्रवाई की।
अधिकारी ने यह भी दावा किया कि तालिबान के कई लड़ाके अपनी सीमा चौकी छोड़कर चले गए।इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन्हें सुनियोजित और सीमित कार्रवाई बताया था। मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े कई उग्रवादी मारे गए।
पाकिस्तानी सरकार टीटीपी के आतंकियों के लिए ‘फितना अल-खवारिज’ शब्द का इस्तेमाल करती है।अफगान तालिबान के 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान में सीमा पार से होने वाले उग्रवादी हमलों को लेकर तनाव बढ़ा है।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान विशेष रूप से प्रभावित रहे हैं। इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फार कन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में पाकिस्तान में उग्रवादी हमलों की 225 घटनाएं दर्ज की गईं।
अगस्त में यह संख्या 199 थी। यानी एक महीने में करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। संस्थान के मुताबिक, यह 12 वर्षों में किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हमलों में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दोनों देशों के बीच कई सीमा चौकियों पर झड़पों के बाद अक्टूबर 2025 में युद्धविराम पर सहमति बनी थी। हालांकि, फरवरी 2026 में पाकिस्तान ने ‘आपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू किया। बातचीत के कई दौर के बावजूद विवाद बना हुआ है।
