इस्लामाबाद, आइएएनएस। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का रवैया मुस्लिम और पाकिस्तान विरोधी है। आगामी लोकसभा चुनावों की वजह से भारत की सरकार शांति कायम करने की दिशा में पाकिस्तान के हर प्रस्ताव को नकार रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिकी समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट को दिए साक्षात्कार में यह बात कही।

इमरान ने कहा, 'भारत में आम चुनाव होने वाले हैं। इसीलिए वहां की सरकार मेरे प्रस्ताव ठुकरा रही है। उम्मीद है कि चुनाव खत्म होने के बाद भारत-पाक फिर वार्ता के रास्ते पर लौटेंगे।' हालांकि भारत सरकार का स्पष्ट कहना है कि आतंकवाद पर लगाम लगाए बिना किसी बातचीत का औचित्य नहीं है। इमरान ने मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही। उन्होंने कहा, 'इस मामले को हल करना हमारे हित में भी है, क्योंकि यह आतंकवाद से जुड़ा है।'

किसी की कठपुतली नहीं बनेगा पाकिस्तान
इमरान खान ने अमेरिका के साथ रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान किसी के हाथ की कठपुतली बनकर नहीं रहेगा। 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई से लेकर मौजूदा दौर में आतंकवाद के खिलाफ चल रही जंग का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा संबंध नहीं चाहता कि पाकिस्तान किसी के लिए हथियार की तरह काम करे। उसे पैसे देकर किसी के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाए। इससे ना केवल हमारे लोगों की जान जाती है, बल्कि हमारे कबीलाई इलाके बरबाद होते हैं और हमारी प्रतिष्ठा भी धूमिल होती है।'

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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