इस्लामाबाद, पीटीआइ। पाकिस्तान सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी मंगलवार को फेल हो गई। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आजादी मार्च की सारी मांगे मान ली थी। बावजूद इसके दोनों पक्षों के बीच चल रहा गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।

मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व में विपक्षी दलों के आजादी मार्च से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नींद उड़ी हुई है। इमरान खान ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज खट्टक की नेतृत्व वाली एक टीम को बातचीत का जिम्मा सौंपा है। यही टीम विपक्षी दलों से गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत कर रही है। 

इस्तीफा छोड़ सभी मांगे मानने को तैयार

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इमरान खान पद से इस्तीफा देने को छोड़कर मौलाना फजलुर रहमान और विपक्षी दलों की सभी अन्य मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है। हालांकि विपक्षी अभी भी इमरान खान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं।

बीच का रास्ता निकालने की कोशिश

रक्षा मंत्री खट्टक ने दूसरे दौर की विपक्ष के साथ सीधी बातचीत के बाद कहा कि सरकार गतिरोध को खत्म करने के लिए विपक्ष के साथ बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अच्छे माहौल में हुई है। 

अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े

सोमवार रात इमरान खान ने दूसरे दौर की बैठक के लिए रक्षा मंत्री की अगुआई वाले प्रतिनिधिमंडल को रहमान के निवास पर भेजा। इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं।

आजादी मार्च का 5वां दिन

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल के नेता मौलाना फजलुर रहमान के बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। मंगलवार को ये आजादी मार्च अपने पाचवें दिन में प्रवेश कर गया। आजादी मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी इमरान खान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 2018 के आम चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।

Posted By: Manish Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप