इस्लामाबाद, पीटीआइ। आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाह देने वाला पाकिस्तान अब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की कार्रवाई से बचने के लिए नए-नए झूठ बोल रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान अब आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है।

अफगान शरणार्थियों के पाकिस्तान में 40 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में शांति चाहता है और युद्धग्रस्त पड़ोसी देश में अस्थिरता उसके हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि अफगान शरणार्थी शिविरों में 9/11 के बाद इस तरह के सुरक्षित पनाहगाह देश में चल रहे हों।

एफएटीएफ से बचने की नई चाल

इमरान का बयान ऐसे समय में आया है जब फ्रांस की राजधानी पेरिस में एफएटीएफ की अहम बैठक चल रही है। दुनिया भर में आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने के लिए काम करने वाली संस्था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अभी 'ग्रे' सूची में रखा है। अगर इस बैठक में पाकिस्तान की रिपोर्ट संतोषषजनक नहीं मिलती है तो उसे काली सूची में भी डाला जा सकता है।

आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाह देने का आरोप

अमेरिका, भारत और अफगानिस्तान ने लंबे समय से पाकिस्तान पर तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने का आरोप लगाया है।

आतंकियों पर कार्रवाई का दिखावा कर रहा पाकिस्तान             

एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंकने के लिए पाकिस्तान आतंकियों और उनके संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दिखावा कर रहा है। पाक की एक अदालत द्वारा आतंकी सरगना हाफिज सईद को आतंकी फंडिंग के दो मामलों में सुनाई गई 11 साल की सजा को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। लेकिन जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर, मुंबई हमले का मास्टरमाइंड जाकिर रहमान लखवी जैसे खूंखार आतंकियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें- संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से सिंधी नेता की अपील, मानवाधिकार उल्लंघन पर पाकिस्तान की निंदा करें

Posted By: Manish Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

जागरण अब टेलीग्राम पर उपलब्ध

Jagran.com को अब टेलीग्राम पर फॉलो करें और देश-दुनिया की घटनाएं real time में जानें।