इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को कहा कि अमेरिकियों ने उनके देश के साथ किराए की बंदूक की तरह व्यवहार किया है। उनका ये बयान अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने के संकेत देने के एक दिन बाद आया है।

सीएनएन को दिए अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई में पाकिस्तान को नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने अफगानिस्तान में अपनी 20 साल की उपस्थिति के दौरान इस्लामाबाद को 'किराए की बंदूक' की तरह इस्तेमाल किया।

पाकिस्तान के तालिबान और क्षेत्र के अन्य संगठनों के साथ गहरे संबंध हैं। इसके अलावा देश पर अमेरिका के आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के दौरान समूह का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि, इमरान खान ने सीएनएन साक्षात्कार में इन आरोपों से इनकार किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है।

उन्होंने कहा, 'ये सुरक्षित ठिकाने क्या हैं? अफगानिस्तान की सीमा के साथ पाकिस्तान के क्षेत्र में अमेरिका के ड्रोन द्वारा सबसे अधिक निगरानी की गई थी। निश्चित रूप से उन्हें पता होगा कि क्या कोई सुरक्षित ठिकाना था?' खान ने कहा कि उनके देश को अमेरिका के साथ सहयोग करने पर नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए सबसे अच्छा तरीका तालिबान से जुड़ना और उसे महिलाओं के अधिकार व समावेशी सरकार के लिए प्रेरित करना ही है।

बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने कहा है कि तालिबान सरकार को मान्यता देने को लेकर उसका पूरा समर्थन है। पाकिस्‍तानी अखबार डान के मुताबिक, प्रांत के आवास मंत्री अमजद अली खान ने कहा, 'हमें तालिबान सरकार को मान्यता और पूरा समर्थन देना चाहिए।' उन्होंने देश की संघीय सरकार से तालिबान सरकार को मान्यता देने का आग्रह किया है।

अमजद अली खान का दावा है कि अफगान नागरिकों ने तालिबान का स्वागत किया है। खैबर पख्तूनख्वा के मंत्री ने विश्व समुदाय से अफगानिस्तान की मानवीय मदद बहाल करने की अपील की है।

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Edited By: Neel Rajput