इस्‍लामाबाद, आइएएनएस। वरिष्‍ठ अमेरिकी राजनयिक एलिस वेल्‍स (US diplomat Alice Wells) ने चीन-पाकिस्‍तान आर्थिक गलियारे (China-Pakistan Economic Corridor, CPEC) की आलोचना की है। यही नहीं उन्‍होंने पाकिस्‍तान को भी नसीहत दी है कि वह इसमें भाग लेने के बारे में फ‍िर से विचार करे। वह मंगलवार को एक थ‍िंक टैंक के कार्यक्रम (think tank event) में बोल रही थीं जिसमें शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्‍होंने कहा कि CPEC परियोजना में कोई भी पारदर्शिता नहीं है। एलिस ने दावा किया कि चीन के कर्जे भरने के कारण पाकिस्‍तान पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि जिन कंपनियों को वर्ल्‍ड बैंक ब्‍लैक लिस्‍ट कर चुका है, उनको CPEC परियोजना का कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिया गया है। पाकिस्‍तान के कर्ज में फंसने के कारणों का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा कि परियोजना में चीनी मुद्रा की मदद नहीं की जा रही है। 

एलिस ने कहा कि परियोजनाओं को पूरा करने में पैसा झोंकने के कारण पाकिस्‍तान कर्ज के दलदल में फंस गया है। उसको एक भागीदार होने के कारण जागरूक होने की जरूरत थी। इन परियोजनाओं पर होने वाले खर्चों के कारण पहले से ही बदहाल पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर और बुरा असर पड़ेगा। उन्‍होंने पाकिस्‍तानी रेलवे के ML-1 (ML-1 upgrade project) अपग्रेडेशन प्रोजेक्‍ट पर बढ़ रही लागत का भी उल्‍लेख किया। यह प्रोजेक्‍ट कराची से पेशावर को जोड़ता है। उन्‍होंने पाकिस्‍तानी सरकार से बड़ी परियोजनाओं में पारदर्शिता बरतने की गुजारिश की। 

उल्‍लेखनीय है कि पिछले साल अमेरिका के दक्षिण व केंद्रीय एशिया मामलों की सचिव एलिस वेल्स ने कहा था कि इमरान खान फाइनेंसिएल एक्शन टास्क फोर्स की तरफ से तय मानकों का पालन करने का काम करे। उन्‍होंने पाकिस्तान को आतंकवाद पर अपने रवैये में सुधार करने के सुझाव देते हुए कहा था कि भारत और पाकिस्तान के भावी रिश्ते इस बात से तय होंगे कि आतंकवाद को लेकर इमरान खान सरकार आगे क्या कार्रवाई करती है।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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