इस्लामाबाद, एएफपी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को लेकर भारत को नसीहत दे रहे हैं, लेकिन खुद उनके मुल्क में हालात पूरी तरह उलट है। हाल में ईशनिंदा के आरोप से सुप्रीम कोर्ट से बरी हुईं अल्पसंख्यक ईसाई महिला आसिया बीबी को संगीनों के साये में क्रिसमस मनाना होगा।

मुस्लिम बहुल मुल्क के कट्टरपंथियों से उनकी जान को खतरा बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए जेल से रिहा होने के बाद पुलिस ने आसिया को अज्ञात स्थान पर रखा है। पाकिस्तान में अपनी जान को खतरा देख आसिया ने कई देशों से शरण मांगी है जिस पर कई देश विचार कर रहे हैं।

राजधानी इस्लामाबाद की एक ईसाई बस्ती में रहने वाले यूसुफ हदायत कहते हैं, 'बिना सुरक्षा आसिया का पाकिस्तान में रहना खतरनाक है। लोग उनकी जान लेना चाहते हैं।' क्रिसमस के मद्देनजर पुलिस ने ईसाई बस्तियों में सुरक्षा बढ़ा दी है। इसको लेकर ईसाई समुदाय में असुरक्षा की भावना है। लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों की अपेक्षा अपने त्योहारों पर वे ज्यादा असुरक्षा महसूस करते हैं।

आसिया का 2009 में पड़ोसी मुस्लिम महिला से झगड़ा हो गया था। उस महिला ने बाद में आसिया पर ईशनिंदा का आरोप लगा दिया था। स्थानीय अदालत ने 2010 में विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत आसिया को मौत की सजा सुनाई थी। इस साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने उक्त फैसले को पलटते हुए आसिया को रिहा कर दिया था।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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